एसजेएम के राष्ट्रीय सह-संयोजक अश्विनी महाजन ने कहा कि वर्तमान में जोमैटो, पेटीएम और नायका कंपनियों के जारी आईपीओ की सफलता ने उस विवाद को खत्म कर दिया कि भारतीय पूंजी बाजार में गहराई नहीं है।
भारतीय यूनिकार्न को घरेलू बाजार की जगह सीधे विदेशी बाजारों में सूचीबद्ध करने पर स्वदेशी जागरण मंच ने विरोध जताया है। उनके मुताबिक, ऐसा करने से देश में विकसित होने वाले व्यवसायों से होने वाले टैक्स लाभ के अधिकार खोने की संभावना बढ़ जाएगी।
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एसजेएम के राष्ट्रीय सह-संयोजक अश्विनी महाजन ने कहा कि वर्तमान में जोमैटो, पेटीएम और नायका कंपनियों के जारी आईपीओ की सफलता ने उस विवाद को खत्म कर दिया कि भारतीय पूंजी बाजार में गहराई नहीं है।
हमारी चिंता इस बात की है कि पिछले एक दशक में विकसित हुए यूनिकार्न बड़ी संख्या में विदेश चले गए या विदेश से ही संचालित हो रहे हैं। बता दें कि एक बिलियन डॉलर से अधिक वैल्यू वाली स्टार्ट अप कंपनी को यूनिकार्न कहते हैं। इन यूनिकार्न के लिए अभी पसंदीदा जगह सिंगापुर, अमेरिका और ब्रिटेन है।