भारत में संयुक्त राष्ट्र ने छठी सर्कुलर डिजाइन चुनौती प्रतियोगिता आयोजित की है, जिसमें 7 वैश्विक एवं भारतीय प्रतिस्पर्धियों ने टिकाऊ फैशन के बेहतरीन उत्पाद प्रस्तुत किए। इस साल के विजेता रहे नई दिल्ली के ऋत्विक खन्ना का Rkive City क्लैक्शन। दृष्टि मोदी और रश्मिक बोस के Lafaani ब्रैंड को उपविजेता घोषित किया गया। भारत में संयुक्त राष्ट्र के सहयोग से आयोजित सर्कुलर डिजाइन चुनौती प्रतियोगिता के छठे संस्करण में के फाइनल में सात प्रतिभागियों ने अपने डिजाइनर परिधान प्रस्तुत किए। भारतीय फैशन डिजाइन परिषद (FDCI) के सहयोग से आयोजित इस सतत फैशन शो में सभी डिजाइनरों ने टिकाऊ फैशन के परिधान व उत्पाद पेश करके, दर्शकों को मंत्र-मुग्ध कर दिया।
छठे संस्करण के फाइनल में कई देशों के प्रतिभागी शामिल थे- योरोपियन यूनियन से वेनयान क्षू और मेंग वांग (Saltless), एशिया-प्रशांत देशों के समूह से त्सांग फैन यू, ब्रिटेन से सिल्विया एसिएन (ACIEN), भारत से गौतम मलिक (Jaggery), ऋत्विक खन्ना (RKive City) और चंदिनी बत्रा (A Blunt Story) तथा रश्मिक बोस एवं दृष्टि मोदी (Lafaani) भारत से वाइल्डकार्ड प्रविष्टि के रूप में शामिल हुए।
प्रतियोगिता के अंतिम चरण की प्रतिष्ठित ज्यूरी में फैशन उद्योग के दिग्गज शामिल थे। इनमें भारत में संयुक्त राष्ट्र के रैजिडेंट कोऑर्डिनेटर शॉम्बी शार्प और यूएनडीपी की एसडीजी पैरोकार अभिनेत्री भूमि पेडनेकर भी शामिल थे। डिजाइनर ऋत्विक खन्ना के Rkive City लेबल को सर्कुलर डिजाइन चैलेंज के छठे संस्करण का विजेता घोषित किया गया, जबकि दृष्टि मोदी और रश्मिक बोस का Lafaani ब्रैंड, उपविजेता रहा।
इस अवसर पर विजेता ऋत्विक खन्ना ने कहा कि मुझे लगता है कि हमारे लिए यह जीत, इस भरोसे का सबूत है कि हमारा विश्वास सही है। हम जो कपड़े बनाते हैं और जो अप-सायकलिंग करते हैं, उससे अगली पीढ़ी के लोगों में यह विश्वास जागेगा कि यह संभव है। सर्कुलर डिजाइन चैलेंज (CDC), 2018 में शुरुआत के बाद से, वैश्विक स्तर पर अपने परिपत्र नवाचारों को प्रदर्शित करने के लिए टिकाऊ फैशन में उभरती प्रतिभाओं के लिए एक अग्रणी मंच बन गया है।
सर्कुलर डिजाइन चैलेंज ने अपने छठे संस्करण में ब्रिटिश काउंसिल, Istituto Marangoni और Redress जैसी कई वैश्विक संस्थाओं के साथ साझेदारी में दुनिया भर में यात्रा करते हुए इन नवोन्मेषकों की खोज की है। महाद्वीपों की इन यात्राओं में लन्दन, मिलान, हॉन्गकॉन्ग और मुंबई में उद्योग विशेषज्ञों और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मीडिया के प्रभावी लोगों ने ज्यूरी ने भाग लिया।
भारत में संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर शॉम्बी शार्प ने इस अवसर पर कहा कि हम सर्कुलर डिजाइन चुनौती प्रतियोगिता के सहयोगियों के साथ मिलकर, ऊर्जा दक्षता और नैतिक रूप से उत्पादित सामग्रियों के उपयोग में नवाचारों आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।
फैशन उद्योग को टिकाऊ बनाने की प्रेरणा
भारत में संयुक्त राष्ट्र के साथ साझेदारी में प्रस्तुत सर्कुलर डिजाइन प्रतियोगिता, पर्यावरण के प्रति जागरूक रचनात्मकता को बढ़ावा देकर, एक हरित एवं अधिक टिकाऊ भविष्य का मार्ग प्रशस्त करती है। इसके जरिए फैशन उद्योग में अपशिष्ट एवं कार्बन पदचिह्न की अहम समस्याओं पर ध्यान देने के प्रयास किए जा रहे हैं। सर्कुलर डिजाइन प्रतियोगिता भारत के फैशन उद्योग को पर्यावरण अनुकुल समाधान अपनाने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इसका उद्देश्य विस्तार योग्य, अपशिष्ट-घटाने वाले समाधान खोजने के लिए टिकाऊ फैशन से जुड़ी प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करना है। इसकी शुरुआत भारत में छह साल पहले हुई थी। वर्ष 2023 में इसकी पहुंच बढ़ी और पहली बार इसे विश्व स्तर पर आयोजित किया गया।
सर्कुलर डिजाइन प्रतियोगिता 2024 के विजेता को 15 लाख रुपए का वित्त-पोषण, सीडीसी की ट्रॉफी और छह महीने का मेंटरशिप प्रोग्राम प्रदान किया गया है। साथ ही 2025 के लैक्मे फैशन वीक के दौरान उन्हें अपने उत्पाद अलग से पेश करने का अवसर भी दिया जाएगा। वहीं, उपविजेता को 5 लाख रुपये का वित्त-पोषण एवं मेंटरशिप प्रदान की गई है।
सर्कुलर डिज़ाइन प्रतियोगिता के फ़ाइनल प्रतिभागी
गौतम मलिक: कचरे की पुनर्कल्पना
2018 में Jaggery bags शुरू करते समय गौतम मलिक का केवल एक ही लक्ष्य था, कचरे को पहनने योग्य कला में बदलना। उन्होंने ऑटोमोबाइल एवं रक्षा क्षेत्रों से निकलने वाले कचरे को फैशन की नई दिशा देत हुए कार सीटबेल्ट कार्गो बेल्ट, डीकमीशन किए गए सैन्य पैराशूट, पूर्व सेना कैनवास और पुराने सेना तम्बू जैसी बेकार सामग्रियों का उपयोग करके, कपड़ों की एक शानदार शृंखला डिजाइन की। इससे कचरे की रि-सायकलिंग के अलावा, कारीगरों को समर्थन, महिला मज़बूती एवं प्लास्टिक रीसायकलिंग के क्षेत्र में भी मदद मिली।
चांदनी बत्रा: टिकाऊ पदचिह्न
चांदनी बत्रा की ‘ब्लंट स्टोरी’ एक फुट वियर लाइन है, जिसमें पौधों पर आधारित, पुनर्नवीनीकरण सामग्री से निर्मित जूतों के सोल के निर्माण में प्लास्टिक व कच्चे तेल का उपयोग बिल्कुल हटा दिया गया। इन जूतों में सिंथेटिक्स की जगह कॉर्क और चावल की भूसी जैसे प्राकृतिक पदार्थों का इस्तेमाल किया गया है। प्लास्टिसाइजर के रूप में सोया व ताड़ के तेल के जरिए, कार्बन पदचिह्न घटाने की कोशिश की गई है। ये जूते 96 प्रतिशत जैव-आधारित अनक्रूड फुट बेड के साथ, पैरों को ठंडा, सूखा एवं विषाक्त मुक्त रखते हैं।
ऋत्विक खन्ना: स्थाई पारिस्थितिकी तंत्र
ऋत्विक खन्ना के ब्रैंड Rkive City की विशेषता रही है, अप-सायकिल्ड डेनिम। प्रदर्शित 'फर्स्ट कन्क्लूजन' नामक संग्रह की संकल्पना, पुराने धागों, जिपर बटनों और भविष्य में उपयोग के लिए बचाई गई चीजों से की गई थी। स्थिरता के लिए पैचवर्क, पैनलिंग आदि का उपयोग किया गया। इस ब्रैंड की लोकप्रियता न केवल भारत, बल्कि विश्व स्तर पर भी तेजी से बढ़ी है।
दृष्टि मोदी और रश्मिक बोस: बायोडिग्रेडेबल कपड़े
दृष्टि मोदी और रश्मिक बोस ने तीन साल पहले लफानी लेबल शुरू किया। वो इसके तहत 100 प्रतिशत बायो-डिग्रेडेबल कपड़े डिजाइन करते हैं। इस जोड़ी ने हाथ से पेंट किए गए वस्त्रों के लिए गुजरात के कला कॉटन, महाराष्ट्र के मंदिर के फूलों व तमिलनाडु, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल के कॉटन का इस्तेमाल किया। लफानी के स्थिरता प्रयासों में वर्षा आधारित क्षेत्रों से कला व भूरा कपास, हाथ से बुने हुए कपड़े, प्राकृतिक एज़ो मुक्त रंगाई, शून्य अपशिष्ट उपाय, टिकाऊ पैकिंग, न्यूनतम कार्बन पदचिह्न और रीसायकलिंग शामिल हैं। उनका संग्रह 'मीडोज' गहरे जैतूनी, हरे, पीले, नीले और कोरा रंगों में मन को मोह लेने वाला था।
त्सांग फैन यू: समकालीन फैशन
त्सांग फैन यू किमोनो और लाइफ जैकेट जैसे स्थानीय जापानी स्रोतों से प्राप्त, कपड़े के कचरे का पुनरउपयोग करते है और उन्हें अन्ननास के रेशों व और सेब से बनाए चमड़े जैसी प्राकृतिक सामग्री के साथ मिलाकर उत्पाद बनाते हैं। इससे री-सायकलिंग के जरिए कचरा लैंडफिल में जाने से रोकने में मदद मिलती है।
सिल्विया एसिएन: एक काव्यात्मक अन्वेषण
सिल्विया एसिएन का ब्रैंड, एशियन प्रकृति से मिली प्रेरणाओं पर आधारित है। उनके संग्रह, 'द फ्रीकल' संग्रह ने हिमालयन बिछुआ, अन्नास के रेशे, टेंसेल, पुनर्योजी मेरिनो ऊन और जैविक कपास का उपयोग करके अभिनव उत्पाद बनाए। पोशाकों को प्राकृतिक पौधों के रंगों से रंगकर, आकर्षक, स्ट्रैपी पोशाकें, मिनी, ब्लाउज़, पैंट आदि पोशाकें बनाई गई। इनमें स्पेन के पहाड़ों से एकत्रित सूखी शाखाओं को दिलचस्प स्पैनिश बुनाई तकनीकों के उपयोग से विभिन्न उत्पादों में बदला गया।
मेंग वांग और वेनयान क्षू: फैशन को एक ऐतिहासिक सम्मान
मेंग वांग और वेनयान क्षू के ब्रैंड Saltless को 2019 में मिलान के लीमा में जारी किया गया था। इसमें पुरानी इतालवी शिल्प कौशल को स्थिरता के साथ जोड़ा गया है। लगभग 80 प्रतिशत उत्पाद, सिलाई से बचे कपड़ों और कारखानों के अपशिष्ट पदार्थों के पुन: उपयोग से निर्मित थे। इनसे बनी जैकेट, स्कर्ट, मल्टी पॉकेट पैंट, गिलेट्स, कोट व मैक्सी का बोल्ड, सैन्य स्टाइल, भविष्यवादी था।
(नोट: यह लेख संयुक्त राष्ट्र हिंदी समाचार सेवा से लिया गया है।)