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नरेश की किसान चैनल से  बर्खास्तगी पर भाजपा नेतृत्व गंभीर

Sun, 24 Jul 2016 02:32 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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नरेश्‍ा
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किसान चैनल के सलाहकार पद से नरेश सिरोही की बर्खास्तगी का मामला भाजपा में तूल पकड़ता जा रहा है। भाजपा नेतृत्व इस मामले को बेहद गंभीरता से देख रहा है। पार्टी के लिए मुश्किल यह है कि किसान संगठनों की ओर से भी मामले को हवा दी जाने लगी है।
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कुछ बड़े किसान संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखा है। सूत्र बताते हैं कि सिरोही की बर्खास्तगी के मामले को लेकर संगठन महामंत्री राम लाल जल्द ही प्रसार भारती के अध्यक्ष ए सूर्यप्रकाश से बातचीत कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि संगठन के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा किए बिना ही प्रसार भारती ने सिरोही की बर्खास्तगी का फरमान जारी किया है। जबकि सिरोही की नियुक्ति राजनीतिक थी। उनकी बर्खास्तगी के कदम से नए सूचना प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू तक अनभिज्ञ बताए जा रहे हैं। 

पार्टी के कुछ नेताओं ने जब नायडू से इस बारे में बात की तो उन्होंने विभाग के पूर्व मंत्री अरुण जेटली के कार्यकाल में बर्खास्तगी का कदम उठाने की बात कही। सूत्र बताते हैं कि जेटली के कार्यालय ने नायडू को जानकारी दी है कि उनके कार्यकाल में यह कदम नहीं उठाया गया है।
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दरअसल किसान चैनल के सलाहकार के पद पर तैनात सिरोही को बर्खास्त करने का फरमान प्रसार भारती के प्रशासनिक विभाग ने जारी किया है। जबकि उनकी नियुक्ति सीधे मंत्रालय से हुई थी। उनकी बर्खास्तगी के लिए जिला मोनिटरों की नियुक्ति को औजार बनाया गया है। लेकिन सिरोही इस बात की दलील दे चुके हैं कि मोनिटरों की नियुक्ति का फैसला प्रसार भारती की सहमति के बाद ही लिया गया था।

दरअसल सिरोही की बर्खास्तगी के लिए बेशक मोनिटरों की नियुक्ति को औजार बनाया गया है। लेकिन बर्खास्तगी उनकी और सूर्यप्रकाश के बीच लंबे समय से ठने होने का नतीजा माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि बीते कुछ माह पहले सिरोही ने दूरदर्शन चैनल के प्रदर्शन और वहां हो रही गड़बड़ियों का पुलिंदा  जेटली को सौंपा था। जो सूर्य प्रकाश को नागवार गुजरा था। अब मौका पाते ही उन्होंने सिरोही से हिसाब चुकता किया है। 
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