सर्वे के मुताबिक, पुरुषों की तुलना में महिलाओं को मिलने वाला वेतन भुगतान 95-99 फीसदी है। यह अनुपात मध्यम से वरिष्ठ स्तर पर आते ही काफी कम हो जाता है। मध्यम से वरिष्ठ श्रेणी में महिलाओं का वेतन पुरुषों के मुकाबले घटकर 87-95 फीसदी रह जाता है।
कंपनियों के लैंगिक समानता पर जोर देने के बावजूद उद्योगों में नेतृत्व वाली भूमिकाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व कम है। एसेट मैनेजमेंट कंपनी मर्सर ने सोमवार को एक सर्वे रिपोर्ट में कहा कि शुरुआती स्तर पर पुरुषों की तुलना में महिलाओं को मिलने वाला वेतन भुगतान 95-99 फीसदी है।
विज्ञापन
सर्वे के मुताबिक, यह अनुपात मध्यम से वरिष्ठ स्तर पर आते ही काफी कम हो जाता है। मध्यम से वरिष्ठ श्रेणी में महिलाओं का वेतन पुरुषों के मुकाबले घटकर 87-95% रह जाता है। सर्वे में कहा गया कि वेतन में कमी, पदोन्नति की धीमी गति, वृद्धि के अवसरों और प्रतिनिधित्व वाली भूमिकाओं जैसे मुख्य कारणों से महिलाओं का वेतन पुरुष सहयोगियों की तुलना में कम रहता है। सर्वे 900 से अधिक कंपनियों, 14 लाख से अधिक कर्मियों के आंकड़ों पर आधारित है।
समर्थ से महिला उद्यमियों को मिलेगा बढ़ावाः मंत्रालय
सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) ने महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से पहले सोमवार को 'समर्थ' अभियान शुरू किया है। केंद्रीय एमएसएमई मंत्री नारायण राणे ने कहा, एमएसएमई क्षेत्र महिलाओं के लिए ढेर सारे अवसर प्रदान करता है। अभियान महिलाओं को स्वरोजगार के मौके प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर और स्वतंत्र बनाने में मदद करेगा।