केंद्र ने कहा कि प्रतिवादियों को सशस्त्र बलों में पूर्व एनडीए महिला कैडेटों को शामिल करने और उनकी तैनाती के लिए दीर्घकालिक प्रभाव पर विचार करने के लिए पर्याप्त वक्त चाहिए।
केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में महिला कैडेटों को शामिल करना एक अहम नीतिगत फैसला है। भारतीय सशस्त्र बलों में पूर्व एनडीए महिला कैडेटों को शामिल करने और तैनाती के लिए दीर्घावधि में जटिलताओं पर अध्ययन करने के लिए उसे कम से कम तीन महीने का वक्त चाहिए।
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सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिए गए अपने हलफनामे में कहा कि एनडीए-द्वितीय 2021 और एनडीए-प्रथम 2022 के लिए शामिल की जाने वाली महिला कैडेटों के संबंध में, यह तथ्य है कि एनडीए में प्रत्येक पाठ्यक्रम में तीनों सेवाओं के लिए 370 रिक्तियां हैं। इनमें से 208 को थलसेना, 120 को वायुसेना और 42 को नौसेना में कमीशन मिलेगा।
केंद्र ने कहा कि प्रतिवादियों को सशस्त्र बलों में पूर्व एनडीए महिला कैडेटों को शामिल करने और उनकी तैनाती के लिए दीर्घकालिक प्रभाव पर विचार करने के लिए पर्याप्त वक्त चाहिए। इसके लिए प्रतिवादियों को कम से कम तीन महीने का अतिरिक्त वक्त चाहिए। एनडीए-2021 परीक्षा में बैठने वाली महिलाओं के आंकड़ों और शामिल की गईं महिलाओं की संख्या के बारे में वकील कुश कालरा द्वारा दायर पीआईएल पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सरकार ने हलफनामा दायर किया गया।