सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ललित मोदी व उनकी मां बीना मोदी को उनका लंबे समय से लंबित संपत्ति विवाद निपटाने के लिए मध्यस्थता की राह चुनने की सलाह दी है। शीर्ष अदालत ने दोनों को अपने मन का मध्यस्थ चुनकर नाम बताने को कहा है। दिवंगत उद्योगपति केके मोदी की संपत्ति को लेकर मां बेटे के बीच विवाद चल रहा है।
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सीजेआई एनवी रमण की पीठ दिल्ली हाईकोर्ट की खंड पीठ के आदेश के खिलाफ ललित मोदी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के कुछ ही देर बाद पीठ ने कहा, चूंकि यह परिवार के अंदर का संपत्ति से जुड़ा विवाद है। बेहतर होगा कि इसे मध्यस्थता के रास्ते निपटाया जाए। केके मोदी की डीड में भी इसकी व्यवस्था दी गई है। ललित मोदी भी इस मामले में मध्यस्थता के इच्छुक हैं।
इस पर बीना मोदी के वकील कपिल सिब्बल व मुकुल रोहतगी ने कहा, हमें इसमें कोई समस्या नहीं। इस पर पीठ ने कहा, हमें एक सील बंद लिफाफे में अपने अपने मध्यस्थों के नाम भेज दीजिये। सुप्रीम कोर्ट 13 दिसंबर को अगली सुनवाई करेगा।