जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई की शुरुआत में याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि आप समाचार पत्रों की रिपोर्ट पर नहीं जाइए। क्या आपने खुद कोविन एप देखा है। इसे अपडेट किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना टीकाकरण के लिए अनिवार्य पहचान पत्र के तौर पर आधार पेश करने के खिलाफ दायर याचिका पर केंद्र सरकार और यूआईडीएआई को शुक्रवार को नोटिस जारी किया। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई की शुरुआत में याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि आप समाचार पत्रों की रिपोर्ट पर नहीं जाइए। क्या आपने खुद कोविन एप देखा है। इसे अपडेट किया गया है। आप एप के एफएक्यू वाले सेक्शन में जाइए। आप पाएंगे कि इसमें पहचान पत्रों की एक सूची दी गई है जिसके जरिए आप कोरोना टीकाकरण के लिए पंजीकरण करा सकते हैं। आप ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड आदि से भी पंजीकरण कर सकते हैं।
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इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि यह सही है कि सात ऐसे पहचान पत्र हैं, जिसके द्वारा पंजीकरण किया जा सकता है लेकिन टीकाकरण केंद्र पर लोगों से अनिवार्य रूप से आधार की मांग की जाती है। केंद्रों पर कहा जाता है कि आधार के बिना टीकाकरण नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि नीति सिर्फ कागजों पर है। आधार कार्ड से लिंक होना अब भी जरूरी है। इसके बाद पीठ ने याचिका पर परीक्षण करने का निर्णय लेते हुए सरकार व यूआईडीएआई को को नोटिस जारी किया।