चंद्रबाबू व पुलिस को सार्वजनिक बयानबाजी न करने के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने फाइबरनेट मामले में तेलुगु देशम पार्टी के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू और आंध्र प्रदेश की पुलिस को सार्वजनिक बयानबाजी नहीं करने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने नायडू के वकील सिद्धार्थ लूथरा से कहा कि वह पूर्व मुख्यमंत्री को इस मामले में सार्वजनिक रूप से कोई भी बयान देने से रोकें।
सुनवाई के शुरू में आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से पेश वकील रंजीत कुमार ने पीठ को बताया की कोर्ट की हिदायत के बावजूद नायडू ने सार्वजनिक रूप से बयान दिया। वहीं, लूथरा ने पीठ को बताया कि नायडू से जुड़े आपराधिक मामलों की जांच जारी है, लेकिन राज्य के अतिरिक्त महाधिवक्ता ने दिल्ली और हैदराबाद में प्रेस कांफ्रेंस करके बयान दिया है। इस पर पीठ ने कुमार और लूथरा से कहा कि वह अपने-अपने मुवक्किलों को लंबित मामलों से जुड़े सार्वजनिक बयानबाजी न करने की सलाह दें। पीठ इस मामले में नायडू की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही है। इस पर अगली सुनवाई अब 17 जनवरी को होगी।
आठ लोगों की हत्या में चार दोषियों की उम्रकैद की सजा बरकरार
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के रोहतास जिले में एक वैवाहिक समारोह में आठ लोगों की हत्या के 37 साल पुराने मामले में दोषसिद्धि के खिलाफ चार लोगों की अपील खारिज कर दी। जस्टिस एमएम सुंदरेश व जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ ने हालांकि इन चारों की ओर से पेश वकील अखिलेश कुमार पांडेय के उस अनुरोध पर संज्ञान लिया कि समयपूर्व रिहाई के उनके आवेदन पर राज्य प्रशासन की तरफ से निश्चित समय सीमा के अंदर विचार किया जाए।
पीठ ने अपने हालिया आदेश में कहा, अपीलकर्ताओं की ओर से पेश सुविज्ञ वकील ने बताया कि वे 14 वर्षों से अधिक समय से जेल में बंद हैं। ऐसे में समयपूर्व रिहाई के लिए संबंधित नीति के तहत उनके मामले पर विचार करना होगा। हमें इस दलील में दम नजर आता है। ऐसी स्थिति में हम प्रतिवादी संख्या एक (बिहार सरकार) को इस आदेश की प्रति मिलने के आठ सप्ताह के अंदर समयपूर्व रिहाई के लिए अपीलकर्ताओं के मामले पर विचार करने का निर्देश देते हैं।
शीर्ष अदालत ने कहा, अभियुक्तों से आशा की जाती है कि इस संबंध में वे दो सप्ताह के अंदर उपयुक्त आवेदन देकर सहयोग करें। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संबंधित सदस्य सचिव को इस प्रक्रिया को पूरा करने में अपीलकर्ताओं के साथ सहयोग करने का निर्देश दिया जाता है।