कानपुर के एक शेल्टर होम में 57 नाबालिग लड़कियों के कोरोना पॉजिटिव मिलने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा है। जस्टिस एलएन राव, जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस एस रविंद्र भट्ट की पीठ ने यूपी सरकार को हलफनामा देने को कहा है।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन दाखिल कर शेल्टर होम में बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश देने की गुहार की गई है। इसमें कहा गया था कि कोरोना संक्रमित मिली 57 नाबालिग लड़कियों में पांच गर्भवती हैं, जबकि एक एचआईवी पॉजिटिव है। आवेदन में इनके उचित इलाज के लिए प्रशासन को निर्देशित करने की मांग की गई है।
वहीं, तमिलनाडु के एक शेल्टर होम में 35 बच्चों के कोरोना पॉजिटिव मिलने पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लिए स्वत: संज्ञान मामले में यूपी, उत्तराखंड, बिहार और त्रिपुरा को शुक्रवार तक हलफनामा दाखिल कर यह बताने को कहा है कि उनके राज्यों में कोरोना के मद्देनजर शेल्टर होम की क्या व्यवस्था की गई है।
इस मामले में कोर्ट ने तमिलनाडु सहित अन्य राज्यों को भी जवाब दाखिल करने के लिए कहा था। मंगलवार को पीठ ने वकील गौरव अग्रवाल को न्यायमित्र नियुक्त किया है। राज्यों से हलफनामा न्यायमित्र को सौंपने के लिए कहा गया है। अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी।