जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने अनुच्छेद 22 का हवाला देते हुए कहा, आजाद भारत में नजरबंदी को सांविधानिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही लागू किया जा सकता है। इस मामले में नजरबंदी का आदेश दो आधार पर वैध नहीं ठहरता।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को फर्जी रेमडेसिविर इंजेक्शन खरीदने के मामले में जबलपुर के एक डॉक्टर को हिरासत में लिए जाने के आदेश को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा, प्रदेश सरकार ने अपना निर्णय देने में देरी कर दी और इसके परिणाम की सूचना देने में भी विफल रही।
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जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने अनुच्छेद 22 का हवाला देते हुए कहा, आजाद भारत में नजरबंदी को सांविधानिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही लागू किया जा सकता है। इस मामले में नजरबंदी का आदेश दो आधार पर वैध नहीं ठहरता। पहला, मध्य प्रदेश सरकार ने निर्णय में देरी का कोई कारण नहीं बताया और दूसरा, केंद्र व राज्य सरकारें समय पर शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी देनें में विफल रहीं। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का आदेश दरकिनार करते हुए नजरबंदी आदेश को खारिज कर दिया।