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Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट में शरद पवार गुट की अर्जी पर सुनवाई 13 को; पढ़ें शीर्ष न्यायालय की अहम खबरें

Mon, 09 Oct 2023 12:11 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

शरद पवार गुट की याचिका में अजित पवार के नेतृत्व वाले बागी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को निर्देश देने की मांग की गई है।
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social media
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के शरद पवार गुट की एक याचिका पर सुनवाई करने के लिए तैयार हो गई है। उसने 13 अक्तूबर की तारीख सुनवाई के लिए तय की है। बता दें, शरद पवार गुट की याचिका में अजित पवार के नेतृत्व वाले बागी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को निर्देश देने की मांग की गई है।

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रामदेव की याचिका पर केंद्र से जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने योग गुरु स्वामी रामदेव की एक याचिका पर केंद्र और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से जवाब मांगा है। दरअसल, रामदेव ने याचिका में कोविड-19 महामारी के उपचार में एलोपैथी के प्रभाव पर अपनी कथित टिप्पणियों को लेकर विभिन्न राज्यों में उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक एफआईआर में सुरक्षा की मांग की है।

मणिपुर हाईकोर्ट के सीजे की नियुक्ति के लिए जल्द अधिसूचना करेंगे जारी: केंद्र 
केंद्र ने सोमवार को शीर्ष अदालत से कहा कि वह मणिपुर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति के लिए शीघ्र ही एक अधिसूचना जारी करेगा। बता दें, शीर्ष अदालत दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें न्यायाधीशों की नियुक्ति और स्थानांतरण के लिए कॉलेजियम द्वारा अनुशंसित नामों को मंजूरी देने में केंद्र द्वारा देरी का आरोप भी शामिल था।

न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ को सूचित किया गया कि उच्च न्यायालयों के 14 न्यायाधीशों के स्थानांतरण से संबंधित फाइलों को मंजूरी दे दी गई है, जबकि शेष 12 प्रक्रियाधीन हैं। भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली शीर्ष अदालत के कॉलेजियम ने पांच जुलाई को दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल को मणिपुर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की थी। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 20 अक्तूबर तय की है।

बिलकिस मामला: याचिकाओं पर 11 अक्तूबर को सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने बिलकिस बानो सामूहिक दुष्कर्म मामले और 2002 के गुजरात दंगों के दौरान उसके परिवार के सात सदस्यों की हत्या के 11 दोषियों की समय पूर्व रिहाई को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई बुधवार के लिए टाल दी है। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने सोमवार को कहा कि हम बुधवार को इसकी सुनवाई करेंगे। कोर्ट ने कहा कि वह उसी दिन विषय की सुनवाई पूरी करने की कोशिश करेगा। उसे याचिकाकर्ताओं की लिखित दलीलें मिली हैं, जिसे रिकार्ड में शामिल किया गया है। कोर्ट ने छह अक्तूबर को बिलकिस सहित याचिकाकार्ताओं के वकील से संक्षिप्त में अपनी प्रत्युत्तर दलीलें सौंपने को कहा था। शीर्ष न्यायालय ने 20 सितंबर को विषय की सुनवाई करते हुए पूछा था कि क्या सजा की अवधि घटाने का अनुरोध करना दोषियों का मूल अधिकार है।

जीएमसी-जीडीए को एसटीपी निर्माण के लिए 30 करोड़ जमा करने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को गाजियाबाद नगर निगम (जीएमसी) और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) को एसटीपी समेत अन्य अवसंरचना के निर्माण के लिए ‘एस्क्रो खाते’ में 30 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया। जस्टिस संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी की पीठ ने जीएमसी और जीडीए को छह सप्ताह के भीतर 10 करोड़ रुपये और 20 करोड़ रुपये जमा करने के लिए कहा। आदेश में कहा गया है कि इस राशि का उपयोग ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और सीवेज उपचार संयंत्रों (एसटीपी) की स्थापना में किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट तमिलनाडु की ‘स्टरलाइट तांबा इकाई’ से जुड़ी यचिका पर सुनवाई के लिए राजी
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि उसने रजिस्ट्रार को तमिलनाडु के तूतीकोरिन में ‘स्टरलाइट तांबा इकाई’ को बंद करने से संबंधित वेदांता समूह की याचिका पर सुनवाई के लिए ‘दो तिथियां’ आवंटित करने का निर्देश दिया है। प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ , न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने कंपनी की ओर से पेश एक वकील की उन दलीलों पर ध्यान दिया कि याचिका का शीघ्र निपटारा करने की आवश्यकता है। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि मैं स्थिति से अच्छी तरह अवगत हूं। मैंने पहले ही रजिस्ट्रार को सुनवाई के लिए दो तारीख आवंटित करने का निर्देश दिया है।

जस्टिस चौधरी के स्थानांतरण पर कोर्ट ने एएफटी अध्यक्ष से रिपोर्ट मांगी
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (एएफटी) के अध्यक्ष से एक रिपोर्ट जमा करने को कहा, जिसमें न्यायमूर्ति डी सी चौधरी का तबादला चंडीगढ़ स्थित क्षेत्रीय पीठ से कोलकाता करने का आदेश देने की परिस्थितियों का उल्लेख हो। प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि अगले आदेश तक न्यायमूर्ति चौधरी को कोलकाता में क्षेत्रीय पीठ में प्रभार संभालने की जरूरत नहीं है। पीठ में न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा शामिल रहे। 

ईवीएम जांच:  याचिका पर विचार करने से कोर्ट का इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम जांच से जुड़ी याचिका को खारिज करने के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर अर्जी पर विचार करने से इनकार कर दिया। दरअसल, हाईकोर्ट ने 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वीवीपैट की प्रथम स्तर की जांच (एफएलसी) करने के लिए अपनाई गई प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया था। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कांग्रेस की दिल्ली इकाई के पूर्व अध्यक्ष और याचिकाकर्ता अनिल कुमार की ओर से पेश हुए वकील से कहा कि अब इसमें हमारे शामिल होने से चुनाव कार्यक्रम में पूरी तरह से देरी होगी। हम हस्तक्षेप नहीं करना चाहते हैं।

अमेरिका निवासी व्यक्ति के पते के सत्यापन की प्रक्रिया जारी: सीबीआई ने कोर्ट को बताया
सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उस व्यक्ति के पते के सत्यापन की प्रक्रिया जारी है, जो 2004 से अमेरिका का निवासी है और जिसे शीर्ष अदालत ने उसके ‘अपमानजनक आचरण’ के लिए छह महीने जेल की सजा सुनाई थी। शीर्ष कोर्ट ने इस साल 16 मई को उस व्यक्ति को छह महीने के कारावास की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने केंद्र और सीबीआई को निर्देश दिया था कि भारत में उसकी मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठाये जाएं, ताकि वह सजा काटे और उस पर लगाए गए 25 लाख रुपये के जुर्माने का भुगतान करे। कोर्ट ने जनवरी में व्यक्ति को अदालत के एक आदेश के अनुसार अपने बेटे को भारत वापस नहीं लाने पर अवमानना का दोषी ठहराया था। मामले को 20 नवंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया।

एजीआर गणना: दूरसंचार कंपनियों की दलीलों को सुना
सुप्रीम कोर्ट ने समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) की गणना के संबंध में दायर उपचारात्मक याचिकाओं पर वोडाफोन आइडिया समेत कुछ दूरसंचार कंपनियों की दलीलों को सुना। इन कंपनियों ने कहा कि एजीआर बकाया में कथित गलतियों को सुधारने की मांग करने वाली पिछली याचिकाओं को खारिज किए जाने के खिलाफ उनकी उपचारात्मक याचिकाओं को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला एवं न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने इन कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे और के के वेणुगोपाल की दलीलों पर गौर किया। कोर्ट ने जुलाई 2021 में एजीआर बकाया की मांग में गलतियों को सुधारने की मांग करने वाली याचिका खारिज कर दी थी।
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मनी लॉन्ड्रिंग केस में सत्येंद्र जैन की अंतरिम जमानत 18 तक बढ़ी
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को चिकित्सा आधार पर दी गई अंतरिम जमानत 18 अक्तूबर तक बढ़ा दी। मामला जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया। पीठ ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए 18 अक्तूबर को सूचीबद्ध किया है। अदालत ने कहा, मामले को 18 अक्तूबर को दोपहर तीन बजे के लिए सूचीबद्ध करें, क्योंकि मामले पर आज (सोमवार) विचार नहीं किया जा सकता। अदालत ने पहले दी गई अंतरिम जमानत को सुनवाई की अगली तारीख तक बढ़ा दिया। जैन की 21 जुलाई को सर्जरी हुई है। उन्हें चिकित्सा आधार पर दी गई अंतरिम जमानत समय-समय पर बढ़ाई जाती रही है। 
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