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SC: मनीष सिसोदिया की सुप्रीम कोर्ट में याचिका, शराब नीति मामले में ट्रायल के शुरू होने में देरी की शिकायत

Mon, 08 Jul 2024 03:10 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मनीष सिसोदिया तिहाड़ जेल में बंद हैं। सिसोदिया को सीबीआई ने 26 फरवरी 2023 को गिरफ्तार किया था। वहीं, ईडी ने नौ मार्च 2023 को गिरफ्तार किया था। 
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दी है। उन्होंने शराब नीति मामले में ट्रायल के शुरू होने में देरी की शिकायत की है।

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वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने मनीष सिसोदिया की याचिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शराब नीति मामले में ट्रायल देरी से शुरू किया गया। सिसोदिया पिछले 16 महीने से जेल में हैं।  इस पर सुप्रीम कोर्ट ने विचार करने का आश्वासन दिया।

बता दें, मनीष सिसोदिया तिहाड़ जेल में बंद हैं। सिसोदिया को सीबीआई ने 26 फरवरी 2023 को गिरफ्तार किया था। वहीं, ईडी ने नौ मार्च 2023 को सीबीआई की एफआईआर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सिसोदिया को गिरफ्तार किया था। 28 फरवरी 2023 को सिसोदिया ने दिल्ली कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था। 
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क्या है कथित शराब नीति घोटाला?
कोरोना काल के बीच दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ने 'दिल्ली आबकारी नीति 2021-22' लागू की थी। इस शराब नीति के कार्यान्वयन में कथित अनियमितता की शिकायतें आईं जिसके बाद उपराज्यपाल ने सीबीआई जांच की सिफारिश की। इसके साथ ही दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 सवालों के घेरे में आ गई। हालांकि, नई शराब नीति को बाद में इसे बनाने और इसके कार्यान्वयन में अनियमितताओं के आरोपों के बीच रद्द कर दिया गया था।

जांच कैसी शुरू हुई?
सीबीआई ने अगस्त 2022 में इस मामले में 15 आरोपियों के खिलाफ नियमों के कथित उल्लंघन और नई शराब नीति में प्रक्रियागत गड़बड़ी के आरोप में एफआईआर दर्ज की। बाद में सीबीआई द्वारा दर्ज मामले के संबंध में ईडी ने पीएमएलए के तहत मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले की जांच शुरू कर दी।

ईडी और सीबीआई दिल्ली सरकार की नई शराब नीति में कथित घोटाले की अलग-अलग जांच कर रही हैं। ईडी नीति को बनाने और लागू करने में धन शोधन के आरोपों की जांच कर रही है। वहीं, सीबीआई की जांच नीति बनाते समय हुई कथित अनियमितताओं पर केंद्रित है।

सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
निठारी कांड में सुरेंद्र कोली को बरी किए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट 2006 के सनसनीखेज निठारी कांड में सुरेंद्र कोली को बरी करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सोमवार को सहमत हो गया। 

न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने हाईकोर्ट के 16 अक्तूबर, 2023 के फैसले के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दायर अलग-अलग याचिकाओं पर कोली से जवाब मांगा।

शीर्ष अदालत मई में हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली पीड़ितों में से एक के पिता द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गई थी। पीठ ने कहा कि सीबीआई की ओर से दायर याचिकाओं पर इस याचिका के साथ ही सुनवाई होगी।

यह है मामला
यह सनसनीखेज कांड 29 दिसंबर 2006 को नोएडा के निठारी में एक घर के पीछे नाले से आठ बच्चों के कंकाल मिलने के बाद सामने आई थी। इसके अलावा घर के आसपास के क्षेत्र में नालियों की खुदाई और तलाशी लिए जाने के बाद कई कंकाल के अवशेष मिले थे। इनमें से अधिकांश अवशेष गरीब बच्चों और युवतियों के थे, जो क्षेत्र से लापता हो गए थे। मामला सामने आने के 10 दिनों के भीतर सीबीआई ने केस को अपने हाथ में ले लिया था। 

Supreme Court - फोटो : PTI
सौम्या हत्याकांड: न्यायालय ने जमानत के खिलाफ दिल्ली पुलिस की याचिका पर दोषियों से जवाब मांगा
उच्चतम न्यायालय ने टीवी पत्रकार सौम्या विश्वनाथन की हत्या के मामले के चार दोषियों को जमानत देने के उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली दिल्ली पुलिस की याचिकाओं पर विचार करने पर सोमवार को सहमति जताई। चारों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने दिल्ली पुलिस की चार याचिकाओं पर नोटिस जारी किया और इन याचिकाओं को चारों दोषियों की जमानत के खिलाफ विश्वनाथन की मां की लंबित याचिका के साथ जोड़ दिया। शुरुआत में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने दिल्ली पुलिस की ओर से अदालत को सूचित किया कि शीर्ष अदालत पहले ही नोटिस जारी कर चुकी है, इसलिए सभी याचिकाओं को जोड़ दिया जाए।

पीठ ने नोटिस जारी किया और याचिकाओं को लंबित मामले के साथ जोड़ दिया। उच्च न्यायालय ने 12 फरवरी को रवि कपूर, अमित शुक्ला, बलजीत सिंह मलिक और अजय कुमार की सजा को उनकी दोषसिद्धि और सजा को चुनौती देने वाली अपीलों के लंबित होने तक निलंबित कर दिया था और उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया था।

उच्च न्यायालय ने कहा था कि दोषी 14 साल से अधिक समय से हिरासत में हैं। शीर्ष अदालत चारों दोषियों को दी गई जमानत के खिलाफ विश्वनाथन की मां द्वारा दायर याचिका पर विचार करने के लिए 22 अप्रैल को सहमत हुई थी। उसने सौम्या की मां माधवी विश्वनाथन की याचिका पर दिल्ली पुलिस और चारों दोषियों को नोटिस जारी किया था।

एक प्रमुख अंग्रेजी समाचार चैनल में काम करने वाली सौम्या की 30 सितंबर, 2008 को तड़के दक्षिण दिल्ली के नेल्सन मंडेला मार्ग पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह उस समय कार से अपने घर लौट रही थी। एक विशेष अदालत ने पिछले साल 25 नवंबर को कपूर, शुक्ला, मलिक और कुमार को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल) - फोटो : एएनआई
कांग्रेस नेता बाबू के निर्वाचन के खिलाफ याचिका पर नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को माकपा नेता एम. स्वराज की उस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति व्यक्त की, जिसमें 2021 के केरल विधानसभा चुनाव में त्रिप्पुनिथुरा सीट से कांग्रेस नेता के. बाबू के चुनाव को अमान्य घोषित करने का अनुरोध किया गया था। याचिकाकर्ता का आरोप है कि बाबू ने मतदान पर्चियों में भगवान अयप्पा की तस्वीर का इस्तेमाल किया था। जस्टिस सूर्यकांत और न्यायमूर्ति उज्ज्ल भुइयां की पीठ ने बाबू को नोटिस जारी किया और याचिका पर उनका जवाब मांगा।
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