ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग वाली याचिका खारिज
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में जूनियर डॉक्टर की हत्या के विरोध में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग करने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को खारिज कर दी। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने वकील को याचिका के लिए फटकार लगाई और कहा कि उसे इस तरह का आदेश पारित करने की छूट नहीं है। पीठ ने कहा कि यह कोई राजनीतिक मंच नहीं है। आप बार के सदस्य हैं। हम जो कहते हैं उसके लिए हमें आपकी पुष्टि की आवश्यकता नहीं है। आप जो कहते हैं उसे कानूनी अनुशासन के नियमों का पालन करना होगा। हम यहां देखने के लिए नहीं हैं कि आप एक राजनीतिक पदाधिकारी के बारे में क्या महसूस करते हैं। हम डॉक्टरों की विशिष्ट शिकायतों से निपट रहे हैं। यदि आप मुझसे यह निर्देश देने के लिए कहते हैं कि सीएम को इस्तीफा दे देना चाहिए, तो यह हमारे अधिकार क्षेत्र का हिस्सा नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने 30 सेना अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही बंद की
उच्चतम न्यायालय ने नागालैंड के मोन जिले में 2021 में आतंकवादियों पर किए गए हमले में 13 नागरिकों की हत्या के आरोपी 30 सैन्यकर्मियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही बंद कर दी। कोर्ट ने कहा कि अगर केंद्र सैन्य कर्मियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे तो मामले को अंत तक ले जाया जा सकता है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और पीबी वराले की पीठ ने कहा कि आदेश सेना को कर्मियों के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई करने से नहीं रोकेगा। नागालैंड सरकार ने अलग-अलग कार्यवाही में सेना के जवानों पर मुकद्मा चलाने की मंजूरी से इनकार को चुनौती दी है। शीर्ष अदालत ने एक प्रमुख रैंक के अधिकारी सहित कर्मियों की पत्नियों द्वारा दायर दो अलग-अलग याचिकाओं पर कार्यवाही बंद कर दी। इन्होंने नागालैंड पुलिस ने दर्ज मामले को बंद करने की मांग की थी। पत्नियां इस आधार पर आपराधिक कार्यवाही बंद करने की मांग कर रही थीं कि सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (एएफएसपीए) के तहत दी गई छूट के कारण राज्य सरकार के पास कर्मियों पर मुकदमा चलाने का कोई अधिकार नहीं है। याचिका में तर्क दिया गया कि यदि क्षेत्र एएफएसपीए के अंतर्गत आता है तो सेना कर्मियों के खिलाफ कोई भी कानूनी कार्यवाही शुरू करने के लिए केंद्र से पूर्व मंजूरी की आवश्यकता है।