मणिपुर सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि राज्यपाल ने विधानसभा के 12 भाजपा विधायकों अयोग्य ठहराने का निर्णय ले लिया है। इस संबंध में चुनाव आयोग ने जनवरी में सिफारिश की थी। राज्य सरकार की इस जानकारी के बाद जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने इस मामले में दायर याचिका का निपटारा कर दिया।
मणिपुर के कांग्रेस विधायक डीडी थाइसी ने याचिका दायर कर मांग की थी अयोग्य ठहराए गए ये 12 विधायक अब भी संसदीय सचिवों के पद पर हैं और यह लाभ के पद के बराबर है। पीठ इसी मामले की सुनवाई कर रही थी।
दरअसल, 11 नवंबर को हुई पिछली सुनवाई में पीठ ने कहा था, जनवरी में चुनाव आयोग ने 12 विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने की सिफारिश की थी। संविधान के अनुच्छेद-192 के अनुसार, राज्यपाल को इस पर निर्णय लेना होता है। 11 महीने में कुछ नहीं हुआ। हम आदेश पारित नहीं करना चाहते हैं। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने जवाब दिया था, मैं आश्वासन देता हूं कि हम कुछ करेंगे। कोई आदेश पारित करने की आवश्यकता नहीं होगी।