सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दाखिल हलफनामे में दिल्ली महिला आयोग ने कहा, दुष्कर्म पीड़िताओं के पुनर्वास को लेकर कोई विशेष नीति नहीं है। लेकिन दिल्ली महिला आयोग अपनी तरफ से बेहद जरूरतमंद पीड़िताओं को यह मदद मुहैया कराता है। शीर्ष अदालत आज इस मामले में सुनवाई करेगा।
दिल्ली महिला आयोग ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर बताया कि वह पिता के यौन उत्पीड़न की शिकार 19 वर्षीय महिला को पुनर्वास व कानूनी सहायता मुहैया कराएगा। महिला का आरोप है कि जब वह नाबालिग थी तब पिता ने उसका यौन उत्पीड़न किया। शीर्ष अदालत आज (बुधवार) को इस मामले में सुनवाई करेगा।
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जस्टिस एएम खानविलकर की पीठ के समक्ष दाखिल हलफनामे में आयोग ने कहा, दुष्कर्म पीड़िताओं के पुनर्वास को लेकर कोई विशेष नीति नहीं है। लेकिन दिल्ली महिला आयोग अपनी तरफ से बेहद जरूरतमंद पीड़िताओं को यह मदद मुहैया कराता है।
इसके तहत आर्थिक मदद, शिक्षा, कौशल विकास के साथ साथ रोजगार के मौके उपलब्ध कराया जाता है। पीठ उस याचिका पर सुनवाई कर रही है जिसमें पीड़िता ने अपनी शिकायत के खिलाफ मामले की सुनवाई अंबाला से दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग की है।