चीफ जस्टिस एनवी रमण की अध्यक्षता वाली कॉलेजियम ने 11 नवंबर को हुई बैठक में पांच वकीलों सौरभ कृपाल, तारा वितस्ता गंजू, अनीश दयाल, अमित शर्मा और मिनी पुष्करणा को दिल्ली हाईकोर्ट में जज नियुक्त करने की फिर से सिफारिश की है।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने नौ वकीलों व तीन न्यायिक अधिकारियों को विभिन्न हाईकोर्ट में जज नियुक्त करने की फिर से सिफारिश की है। कॉलेजियम ने अधिवक्ता सौरभ किरपाल को भी दिल्ली हाईकोर्ट का जज बनाने के लिए केंद्र सरकार से सिफारिश की है। उनके नाम पर अनुमति मिलती है तो किरपाल किसी भी हाईकोर्ट में जज नियुक्ति होने वाले पहले समलैंगिक होंगे।
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किरपाल सार्वजनिक रूप से समलैंगिक होने की बात कुबूल चुके हैं। दिल्ली हाईकोर्ट के कॉलेजियम ने 2017 में उनकी सिफारिश की थी। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम तीन बार उनके नाम की मंजूरी टाल चुका है। पर, 11 नवंबर को कॉलेजियम ने उनके नाम की सिफारिश केंद्र को भेज दी।
बताया जाता है कि केंद्र सरकार को किरपाल के पुरुष मित्र के विदेशी होने के कारण सिफारिश पर आपत्ति थी। उनके नाम की सिफारिश और उनसे जुड़ा विवाद पिछले चार सालों से दिल्ली के न्यायिक क्षेत्र में चर्चा का विषय रहा है। किरपाल के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने नौ वकीलों व तीन न्यायिक अधिकारियों को विभिन्न हाईकोर्ट में जज नियुक्त करने की फिर से सिफारिश की है।
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नौ वकीलों समेत 14 को जज बनाने की सिफारिश
चीफ जस्टिस एनवी रमण की अध्यक्षता वाली कॉलेजियम ने 11 नवंबर को हुई बैठक में दिल्ली हाईकोर्ट का जज बनाने के लिए कृपाल के अलावा चार अन्य वकीलों तारा वितस्ता गंजू, अनीश दयाल, अमित शर्मा और मिनी पुष्करणा के नाम फिर से सरकार को भेजे हैं। वहीं, तीन वकील शोभा अन्नम्मा एपेन, संजीता कल्लूर अरक्कल और अरविंद कुमार बाबू थावर अक्क्टल को केरल हाईकोर्ट में, जबकि सचिन सिंह राजपूत को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जज नियुक्त करने की सिफारिश की है।
इसके अलावा कॉलेजियम ने तीन न्यायिक अधिकारियों अनन्या बंद्योपाध्याय, राय चट्टोपाध्याय और शुभेंदु सामंता को फिर से कलकत्ता हाईकोर्ट में जज नियुक्त करने की सिफारिश की है। इसके अलावा न्यायिक अधिकारी बीएस भानुमति और वकील के मनमध राव को आंध्र प्रदेश हाईकोई का जज बनाने की सिफारिश की गई है।