पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति
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महिला एवं उसकी नाबालिग बेटी के साथ गैंगरेप मामले के आरोपी व यूपी के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को सुप्रीम कोर्ट से करारा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट बृहस्पतिवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा प्रजापति को अंतरिम जमानत दिए जाने के फैसले को निरस्त कर दिया है।
दरअसल, प्रजापति को चिकित्सकीय आधार पर दो महीने के लिएअंतरिम जमानत देने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस एम आर शाह की पीठ ने बृहस्पतिवार को गत तीन सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा प्रजापति को दो महीने की अंतरिम जमानत दिए जाने के फैसले को दरकिनार कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में प्रजापति का इलाज किया गया और इलाज में कोई कमी नहीं मिली तो यह हमारी समझ से परे हैं कि हाईकोर्ट ने उनको चिकित्सकीय आधार पर अंतरिम जमानत क्यों दी।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 21 सितंबर को हाईकोर्ट के दो महीने की अंतरिम जमानत देने के आदेश पर रोक लगा दी थी।
सुनवाई के दौराम यूपी सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा था कि प्रजापति को न्यायिक हिरासत मेंउचित इलाज दिया जा रहा है।