अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी द्वारा दायर रिपोर्ट पर पीठ ने सोमवार को कहा कि हम रेलवे द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना करते हैं।
ट्रेन हादसों को रोकने के लिए भारतीय रेलवे के प्रयासों को सर्वोच्च अदालत ने सराहा है। दरअसल, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने सोमवार को यात्री सुरक्षा सहित अन्य मुद्दों से जुड़ी एक याचिका का निपटारा करते हुए यह टिप्पणी की।
बता दें, दो जनवरी को ने विशाल तिवारी की इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने रेल हादसों को रोकने के लिए कवच सहित अन्य सुरक्षा उपायों पर केंद्र सरकार से उठाए गए कदमों का ब्योरा मांगा था। अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी द्वारा दायर रिपोर्ट पर पीठ ने सोमवार को कहा कि हम रेलवे द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना करते हैं।
कवच प्रणाली को लेकर याचिका में उठाए सवाल
क्या है कवच प्रोटेक्शन सिस्टम
यह एक खास तरह का ऑटोमेटिक प्रोटेक्शन सिस्टम है। कवच प्रोटेक्शन तकनीक को रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन की मदद से बनाया गया है। गौरतलब बात है कि इस तकनीक पर भारतीय रेलवे ने साल 2012 में ही काम करना शुरू कर दिया था। उस दौरान इस तकनीक का नाम Train Collision Avoidance System (TCAS) था। इस तकनीक का पहला ट्रायल साल 2016 में किया गया था।
कैसे काम करती है कवच तकनीक