कहां-कहां दिखेगा?
नेशनल ज्योग्राफिक की रिपोर्ट के अनुसार, पूरे पश्चिमी गोलार्ध में लोग ग्रहण के सभी या कुछ भाग को देख सकेंगे। उत्तरी अमेरिका, सेंट्रल अमेरिका और दक्षिणी अमेरिका के लोग सुपर वुल्फ रेड मून के सभी चरणों को अच्छे से देख पाएंगे। ऑस्ट्रेलिया और एशिया जिसमें भारत भी शामिल है, में ये नजारा देखने को नहीं मिलेगा। इससे पहले जनवरी के पहले हफ्ते में हुआ सोलर इक्लिप्स भी भारत में देखने को नहीं मिला था।