पार्टी के कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए एनसीपी नेता सुनील तटकरे ने कहा, हम सभी एनसीपी नेताओं को 2009 में एक बैठक के लिए बुलाया गया था, जहां 2009 के लोकसभा चुनाव में शिवसेना के साथ लड़ने की योजना पर चर्चा हुई थी।
अजित पवार गुट के एनसीपी नेता सुनील तटकरे के एक बयान ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। मंगलवार ने दावा किया कि पार्टी ने 2009 के लोकसभा चुनाव में शिवसेना के साथ गठबंधन कर लड़ने का फैसला किया था, लेकिन कुछ कारणों से ऐसा न हो सका।
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पार्टी के कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए एनसीपी नेता सुनील तटकरे ने कहा, हम सभी एनसीपी नेताओं को 2009 में एक बैठक के लिए बुलाया गया था, जहां 2009 के लोकसभा चुनाव में शिवसेना के साथ लड़ने की योजना पर चर्चा हुई थी। हमने फैसले को लगभग अंतिम रूप दे दिया था। लेकिन किसी कारण से ऐसा नहीं हो सका।बता दें पिछले दो वर्षों में शिवसेना और एनसीपी दोनों अलग हो गए और उनके संबंधित विद्रोही गुट अब भारतीय जनता पार्टी के साथ महाराष्ट्र सरकार का हिस्सा हैं।
2014 में हमने विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा का समर्थन किया था और यह पहली बार नहीं है कि अजित पवार भाजपा का समर्थन कर रहे हैं। ऐसी स्थितियां अतीत में कई बार सामने आई हैं। तटकरे ने कहा, अजित पवार ने भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना से हाथ मिलाना सही काम किया। उन्होंने कहा, जो लोग अपनी छाया से डरते हैं वे कह रहे हैं कि हम केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई के डर से भाजपा के साथ गए। तटकरे ने यह भी दावा किया कि अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ग्राम पंचायत चुनाव परिणामों में दूसरे नंबर पर थी।