NMC - National Medical Commission
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राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने 349 मेडिकल कॉलेजों में से करीब 50 प्रतिशत यानी 197 कॉलेजों को मानकों का पालन न करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सूत्रों के मुताबिक, मानकों का पालन नहीं करने पर देश के आधे मेडिकल कॉलेज अपनी मान्यता भी खो सकते हैं। अगर गलती नहीं सुधारेंगे, तो इन कॉलेजों में एक साल के लिए प्रवेश रोक दिया जाएगा।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने मानकों का पालन न करने के कारण पिछले दो महीनों में लगभग 40 मेडिकल कॉलेजों की मान्यता रद्द कर दी है। इन कॉलेजों पर फैकल्टी और सीसीटीवी कैमरों से जुड़ी खामियों के आधार पर कार्रवाई की गई थी।
कई कॉलेजों में रेजिडेंट डॉक्टरों की उपस्थिति भी कम पाई गईं
सूत्रों के अनुसार, कई कॉलेजों में आवश्यक संकाय की संख्या भी कम है। वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टरों की उपस्थिति भी पर्याप्त नहीं पाई गई। इसके अलावा, न्यूनतम मानक आवश्यकताएं, (एमएसआर) 2023 के तहत कई खामियां मिलीं। दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी संकाय और वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टरों की कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। एनएमसी ने पाया कि सीसीटीवी भी काम नहीं कर रहे हैं।
कोविड: 2020-21 में फेल एमबीबीएस छात्रों को एक और अवसर
कोविड के चलते 2020-21 के दौरान फेल होने वाले एमबीबीएस छात्रों को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने एक अतिरिक्त यानी पांचवां प्रयास देने का फैसला किया है। एनएमसी की अधिसूचना के मुताबिक, यह अवसर केवल एक बार के लिए ही होगा। परीक्षा में वही छात्र बैठ सकेंगे, जो 2020-21 के दौरान मेडिकल कॉलेजों में भर्ती हुए थे और कोविड के चलते अपनी पहली एमबीबीएस परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर सके थे।