फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मानक अधूरे: आधे मेडिकल कॉलेजों को नोटिस, एनएमसी सख्त, 197 मेडिकल कॉलेजों की मान्यता पर संकट

Tue, 12 Dec 2023 06:33 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी संकाय और वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टरों की कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। एनएमसी ने पाया कि सीसीटीवी भी काम नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन
NMC - National Medical Commission - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने 349 मेडिकल कॉलेजों में से करीब 50 प्रतिशत यानी 197 कॉलेजों को मानकों का पालन न करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सूत्रों के मुताबिक, मानकों का पालन नहीं करने पर देश के आधे मेडिकल कॉलेज अपनी मान्यता भी खो सकते हैं। अगर गलती नहीं सुधारेंगे, तो इन कॉलेजों में एक साल के लिए प्रवेश रोक दिया जाएगा।
विज्ञापन


गौरतलब है कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने मानकों का पालन न करने के कारण पिछले दो महीनों में लगभग 40 मेडिकल कॉलेजों की मान्यता रद्द कर दी है। इन कॉलेजों पर फैकल्टी और सीसीटीवी कैमरों से जुड़ी खामियों के आधार पर कार्रवाई की गई थी।

कई कॉलेजों में रेजिडेंट डॉक्टरों की उपस्थिति भी कम पाई गईं
सूत्रों के अनुसार, कई कॉलेजों में आवश्यक संकाय की संख्या भी कम है। वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टरों की उपस्थिति भी पर्याप्त नहीं पाई गई। इसके अलावा, न्यूनतम मानक आवश्यकताएं, (एमएसआर) 2023 के तहत कई खामियां मिलीं। दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी संकाय और वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टरों की कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। एनएमसी ने पाया कि सीसीटीवी भी काम नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन


कोविड: 2020-21 में फेल एमबीबीएस छात्रों को एक और अवसर
कोविड के चलते 2020-21 के दौरान फेल होने वाले एमबीबीएस छात्रों को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने एक अतिरिक्त यानी पांचवां प्रयास देने का फैसला किया है। एनएमसी की अधिसूचना के मुताबिक, यह अवसर केवल एक बार के लिए ही होगा। परीक्षा में वही छात्र बैठ सकेंगे, जो 2020-21 के दौरान मेडिकल कॉलेजों में भर्ती हुए थे और कोविड के चलते अपनी पहली एमबीबीएस परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर सके थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें