जयशंकर ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, आज ईरान के विदेश मंत्री हुसैन आमिर-अब्दुल्लाहियान से बात की। पश्चिम एशिया की गंभीर स्थिति और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा, तनाव बढ़ने से रोकने और मानवीय सहायता प्रदान करने के महत्व से अवगत कराया। संपर्क में रहने के लिए सहमत हुए।
इससे पहले जयशंकर ने शनिवार को इस्राइल के विदेश मंत्री एली कोहेन से फोन पर बातचीत की थी। सात अक्तूबर को हमास आतंकवादियों द्वारा इस्राइली शहरों पर हुए अभूतपूर्व हमलों के बाद इस्राइल गाजा में बड़े पैमाने पर सैन्य हमले कर रहा है। हमास ने इस्राइल में करीब 1,400 लोगों की हत्या कर दी थी और 220 से ज्यादा अन्य को बंधक बना लिया।
गाजा के अधिकारियों के मुताबिक, इस्राइल के जवाबी हमले में नौ हजार से ज्यादा लोग मारे गए हैं। इससे पहले, जयशंकर ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अपने समकक्ष शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान और ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल्बुसैदी के साथ पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की थी।
पिछले महीने भारत ने इस्राइली शहरों पर हमास के हमलों को आतंकवादी कृत्य के रूप में वर्णित किया था। हालांकि, साथ ही इस्राइल के साथ शांति से रहने के लिए फलस्तीन के एक संप्रभु, स्वतंत्र और व्यवहार्य राज्य की स्थापना की दिशा में बाचतीत की वकालत की थी और लंबे समय से कायम अपने स्टैंड को साफ किया था।