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Electoral bond: सिद्धारमैया का सवाल-‘मामला ब्लैकमेलिंग का नजर आता है, किसके दबाव में है एसबीआई?’

Sat, 16 Mar 2024 08:37 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने चुनावी बॉन्ड को लेकर बीजेपी और प्रधानमंत्री से सवाल पूछे हैं। उन्होंने इस मामले में विशेष जांच समिति के गठन की मांग की है। 

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Siddaramaiah on Electoral Bond - फोटो : X Siddaramaiah
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विस्तार
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देशभर में चुनावी बॉन्ड को लेकर राजनीति गरमाई हुई है। अब कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस चुनावी बॉन्ड को दुनिया का सबसे बड़ा घोटाला करार दिया है। इसके साथ ही उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सवाल किया है। सिद्धारमैया ने कहा कि ‘क्या केन्द्र सरकार चंदा वसूलने के लिए अपनी जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है?’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चुनावी बॉन्ड घोटाले की जांच करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा विशेष जांच समिति का गठन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक विशेष जांच समिति का गठन ना हो, तब तक भाजपा के बैंक खातों को फ्रीज किया जाना चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सिद्धारमैया ने लिखा है कि ‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कर्नाटक में आपका स्वागत है। ये बताएं कि दुनिया के सबसे बड़े घोटाले चुनावी बॉन्ड पर बीजेपी क्यों चुप है?’ 

‘किसके दबाव में है एसबीआई?’ 

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उन्होंने आगे लिखा है कि ‘सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी भारतीय स्टेट बैंक पूरी जानकारी देने में क्योौं हिचकिचा रहा है। अगर चुनावी बॉन्ड की खरीद फरोख्त कानूनी तरीके से हुए है तो एसबीआई क्या छुपा रहा है? प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कृपया जवाब दें कि आखिर एसबीआई पर दबाव कौन डाल रहा है?’

‘मामला ब्लैकमेलिंग का नजर आता है’
सिद्धारमैया ने आगे लिखा है कि ‘जब हम आईटी, ईडी और सीबीआई द्वारा इन व्यापारियों पर छापे मारने की तारीखों को देखते हैं और इसके बाद व्यापारियों द्वारा चुनावी बॉन्ड खरीदने की तारीखों को देखें तो यह मामला ब्लैकमेलिंग का नजर आता है। क्या केन्द्र सरकार चंदा वसूलने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है? क्या चुनावी बॉन्ड भाजपा के लिए बड़े पैमाने पर जबरन वसूली का राजनीतिक हथियार है?’
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‘धोखाधड़ी में केन्द्र सरकार शामिल’
सिद्धारमैया के अनुसार ‘ऐसा लगता है कि चुनावी बांड घोटाले में बड़ी संख्या में भागीदार इंफ्रास्ट्रक्चर और फार्मास्युटिकल कंपनियों से हैं।’ उन्होंने सवाल किया कि ऐसे फर्जी संगठनों द्वारा बनाई गई सड़कें, पुल और इमारतें कितनी विश्वसनीय हैं? सिद्धारमैया ने सवाल किया, "ऐसे फर्जी संगठनों द्वारा बनाई गई सड़कें, पुल और इमारतें कितनी विश्वसनीय हैं? ऐसी संस्थाओं द्वारा उत्पादित की गई दवाएं कितनी सुरक्षित हैं? सिद्धारमैया ने कहा कि ‘सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी बॉन्ड घोटाले का पर्दाफाश कर हर नागरिक के मन में अपने टैक्स के पैसे के दुरुपयोग को लेकर संदेह पैदा कर दिया है। लोगों का दृढ़ विश्वास है कि केंद्र सरकार इस धोखाधड़ी में पूरी तरह से शामिल है।’

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