कांग्रेस में वरिष्ठ नेताओं की आलाकमान से नाराजगी के मुद्दे पर बयानों का सिलसिला बदस्तूर जारी है। इस मुद्दे पर पार्टी के नेता ही आपस में उलझ पड़े हैं। वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल द्वारा आलाकमान पर सवाल उठाने के बाद उन पर भी पलटवार हुआ है।
कांग्रेस नेता अजय माकन ने सिब्बल पर खुलकर हमला बोलते हुए याद दिलाया कि किस तरह उन्हें कांग्रेस ने पहचान दी। माकन ने कहा कि संगठनात्मक पृष्ठभूमि का नहीं होने के बावजूद सोनिया गांधी ने कपिल सिब्बल को केंद्र सरकार में मंत्री बनवाया था।
माकन ने कहा, पार्टी में सभी को सुना जाता है। मैं मिस्टर सिब्बल और दूसरों से कहना चाहता हूं कि उन्हें ऐसी पार्टी को नीचा नहीं दिखाना चाहिए जिसने उन्हें पहचान दी है।
टीएस सिंह देव का सिब्बल पर निशाना
वहीं, छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री व कांग्रेस नेता टीएस सिंह देव ने भी सिब्बल पर हमला बोला। सिंह देव ने कहा कि कपिल सिब्बल गुमराह कर रहे हैं। सोनिया गांधी जी पार्टी में फैसले ले रही हैं। अफसोस है कि सिब्बल जैसे वरिष्ठ नेता नहीं जानते कि पार्टी में फैसले लिए जा रहे हैं। जो भी कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े हैं, वो कभी पार्टी नहीं छोड़ेंगे।
सिब्बल के घर के बाहर प्रदर्शन
वहीं, दिल्ली कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कपिल सिब्बल के घर के बाहर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता अपने हाथ में 'गेट वेल सून कपिल सिब्बल' के पोस्टर लहरा रहे थे।
मनीष तिवारी ने भी जताई पंजाब को लेकर नाखुशी
बता दें कि इससे पहले मनीष तिवारी ने भी सिब्बल की तरह पंजाब के सियासी हालात पर नाखुशी जाहिर की थी। उन्होंने कहा कि मुझे ये बात कहने में बिल्कुल भी संकोच नहीं है कि जिन लोगों को जिम्मेदारी दी गई थी वो पंजाब को समझ नहीं पाए। चुनाव एक पहलू है पर राष्ट्रहित दूसरा पहलू है। पंजाब की राजनीतिक स्थिरता को बहाल करने की जरूरत है। सिद्धू के इस्तीफे पर तिवारी ने कहा कि सिद्धू अपने लिए जवाब दे सकते हैं। मैं न तो किसी स्थिति में हूं और न ही ऐसे प्रश्न पर अनुमान लगाना चाहूंगा।
पूर्व सीएम के बारे में तिवारी ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह बेहद बड़े कद के नेता हैं। वह मेरे दिवंगत पिता के करीबी दोस्त थे। हम एक-दूसरे को दशकों से जानते हैं, इसलिए मुझे लगता है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह अपने लिए सबसे अच्छी स्थिति में हैं। उन्होंने जो भी कहा, वो सही साबित हो रहा है। इस समय पंजाब को सुरक्षित हाथों में रखा जाना चाहिए।