महाराष्ट्र सरकार के मंत्रिमंडल से संजय राठौड़ के इस्तीफा देने के एक दिन बाद सोमवार को शिवसेना ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की सराहना की। इसके साथ ही पार्टी ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को नसीहत देते हुए कहा कि वह विधान परिषद के लिए अपने कोटे से 12 सदस्यों को नामित कर 'राज धर्म' का पालन करें।
उल्लेखनीय है कि पुणे में एक युवती द्वारा कथित तौर पर आत्महत्या करने के बाद उपजे सियासी बवाल के चलते शिवसेना विधायक और राज्य के वन मंत्री संजय राठौड़ ने रविवार को मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था। पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में शिवसेना ने कोश्यारी को 'भाजपा द्वारा नियुक्त' राज्यपाल करार दिया।
संविधान के विरुद्ध काम कर रहे हैं राज्यपाल...
इसके साथ ही पार्टी ने राज्यपाल के कोटे से विधान परिषद के 12 सदस्यों को नामित करने का निर्णय लेने में देरी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह संविधान के विरुद्ध है। पार्टी ने कहा, 'महा विकास आघाड़ी सरकार के हाथ में वास्तविक नियंत्रण है। मुख्यमंत्री ठाकरे इसके कारण ही अपने 'राज धर्म' का पालन कर रहे हैं।'
भाजपा की भी राजधर्म निभाने की जिम्मेदारी...
शिवसेना ने कहा कि विपक्षी दल भाजपा के पास भी 'राज धर्म निभाने की जिम्मेदारी है। पार्टी ने कहा, 'भाजपा की ओर से नियुक्त किए गए राज्यपाल (भगत सिंह कोश्यारी) के पास अधिक जिम्मेदारी है। राज्यपाल अपने कोटे से 12 एमएलसी नामित नहीं कर रहे हैं इसका अर्थ यह है कि वह राज धर्म का पालन नहीं कर रहे हैं।'
बता दें कि शिवसेना ने आरोप लगाया कि पुणे में 23 वर्षीय युवती की मौत पर भाजपा राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। सामना में कहा गया कि भाजपा नेता, दादरा और नगर हवेली के सांसद मोहन डेलकर की मौत पर संवेदनहीन हैं। भाजपा इस मामले में लगातार संजय राठौड़ के इस्तीफे की मांग कर रही थी।