भारत और कनाडा के बीच राजनयिक विवाद पर बीबीसी की एक रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पश्चिमी मीडिया पर निशाना साधा। थरूर ने सोशल मीडिया एक्स पर रिपोर्ट का लिंक साझा करते हुए लिखा, पश्चिमी मीडिया द्वारा नियमित रूप से लगाए जाने वाले आक्षेपों से मुझे कभी हैरानी नहीं हुई। वे दूसरे देशों का आकलन करने में बहुत तेजी दिखाते हैं, लेकिन जब अपने देश की बात आती है तो आंखें मूंद लेते हैं। बीबीसी का यह विश्लेषण कहता है कि पश्चिमी देशों ने रूस, ईरान या सऊदी अरब जैसे देशों द्वारा दूसरों की सीमा में घुसकर की गई कथित हत्याओं की निंदा की है। लेकिन अब वे नहीं चाहते कि भारत उस सूची में शामिल हो।
मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि पश्चिमी देशों ने विवाद से बचकर भारत के साथ अपने संबंधों को बचाने का विकल्प चुना है। साथ ही पश्चिमी देशों के राजनयिकों के बीच इस बात का भी डर होगा कि कनाडा-भारत विवाद में दूसरे देश भी पक्ष न लेना शुरू कर दें। बता दें, इस सप्ताह कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी अलगाववादी निज्जर की हत्या के पीछे भारत की संलिप्तता का आरोप लगाया था। हालांकि, भारत ने ट्रूडो के आरोपों के बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित बताया है। इसी साल जून में पश्चिमी कनाडा में निज्जर की हत्या कर दी गई थी।
जस्टिन ट्रूडो का आरोप लगाना दुर्भाग्यपूर्ण...
इससे पहले, शशि थरूर ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोप को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था। उन्होंने कहा था कि ट्रूडो के बयान ने कनाडा-भारत के अच्छे रिश्ते को खतरे में डाल दिया है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कनाडा ने सार्वजनिक रूप से इस तरह के आरोप लगाए। अगर उन्हें कोई समस्या है तो भारत जैसी मित्र देश के साथ निजी तौर पर चर्चा की जानी चाहिए और इस मसले पर बंद दरवाजे के पीछे चर्चा की जानी चाहिए।