पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में जलालखली हाल्ट स्टेशन पर लोगों के विरोध-प्रदर्शन के चलते सियालदाह डिवीजन के राणाघाट-लालहोला सेक्शन में ट्रेन सेवाएं लगभग 33 घंटे तक प्रभावित रहीं। पूर्वी रेलवे के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि प्रदर्शनकारी यहां से गुजरने वाली हर ट्रेन को इस स्टेशन पर रुकवाने की मांग कर रहे थे। मंगलवार की सुबह शुरू हुआ यह प्रदर्शन बुधवार की दोपहर तक चला। हालांकि, रेलवे के अधिकारियों से बातचीत के बाद विरोध-प्रदर्शन को समाप्त कर दिया गया।
प्रदर्शनकारी मंगलवार की सुबह से रेलवे ट्रैक पर धरना दे रहे हैं। इनका दावा है कि इलाके के लगभग 15 गांवों के निवासी स्टेशन की ट्रेन सेवाओं पर निर्भर हैं। लेकिन यहां कुछ ट्रेनें ही रुकती हैं। वहीं, पूर्वी रेलवे के प्रवक्ता ने इसे लेकर कहा कि हम प्रदर्शनकारियों से बात कर रहे हैं कि जिससे सेवाओं को फिर से संचालित किया जा सके।
पूर्वी रेलवे के प्रवक्ता एकलव्य चक्रवर्ती ने कहा कि जलालखली एक हाल्ट स्टेशन है। ऐसे में यह संभव नहीं है कि सभी ट्रेनों को यहां रोका जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों के सामने इस हाल्ट स्टेशन पर कुछ और ट्रेनों को रोकने की व्यवस्था करने की पेशकश की गई। लेकिन हाल्ट होने के चलते यहां सभी ट्रेनें रोकी नहीं जा सकतीं। चक्रवर्ती ने बताया कि आंदोलनकारियों के साथ बातचीत करने के बाद ट्रैक पर से व्यवधान हटा दिया गया। इसके बाद ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू कर दिया गया।
12 ईएमयू और कम से कम दो एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द
चक्रवर्ती ने बताया कि प्रदर्शनकारियों द्वारा उत्पन्न व्यवधान की वजह से सियालदाह-कृष्णानगर लाइन पर 12 ईएमयू लोकल ट्रेनें और सियालदाह व लालगोला को जोड़ने वाली कम से कम दो एक्सप्रेस ट्रेनें बुधवार को रद्द हो गईं। बड़कुला स्टेशन पर कम से कम छह जोड़ी ईएमयू शॉर्ट टर्मिनेट की गईं और सियालदह के लिए रवाना किया गया।
सभी ट्रेनें रोकी जाएंगी तभी खत्म होगा आंदोलन
वहीं, प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि लगभग 15 गांवों के लोग स्टेशन पर निर्भर हैं, लेकिन हमें ट्रेन पकड़ने के लिए या तो बड़कुला जाना पड़ता है या फिर कृष्णानगर क्योंकि जलालखली पर गिनती की ट्रेनें ही रुकती हैं। पहले प्रदर्शनकारियों ने कहा था कि आंदोलन तभी समाप्त होगा जब यहां हर ट्रेन को रोकने का फैसला लिया जाएगा।