कंपनी के तीन परिसरों में दो दिन तक तलाशी
पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती 'घोटाले' में चल रही धनशोधन जांच के तहत कंपनी 'लीप्स एंड बाउंड्स प्राइवेट लिमिटेड' के तीन परिसरों पर 21-22 अगस्त को तलाशी ली गई थी। जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि इस मामले में गिरफ्तार आरोपी सुजय कृष्ण भद्र के खिलाफ कार्रवाई की गई, जो कंपनी के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) थे।
'संदिग्ध लेनदेन के लिए किया गया कंपनी का इस्तेमाल'
एजेंसी ने आरोप लगाया गया है कि कंपनी का इस्तेमाल करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन के लिए किया गया। ईडी ने कहा कि भद्र अप्रैल 2012 से मार्च 2016 तक इस कंपनी में निदेशक भी थे जबकि अभिषेक बनर्जी मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हैं और अप्रैल 2012 से जनवरी 2014 तक कंपनी में निदेशक भी थे।
आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद: ईडी
ईडी ने कहा कि तलाशी अभियान के दौरान विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए और जब्त किए गए। अभिषेक बनर्जी (35 वर्षीय) ने हमेशा कुछ भी गलत करने से इनकार किया था और ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित बताया था। इस जांच के तहत ईडी ने मई में भद्र को गिरफ्तार किया था।
ये नेता पहले हो चुके हैं गिरफ्तार
ईडी ने पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी, उनकी कथित सहयोगी अर्पिता मुखर्जी, टीएमसी विधायक और पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य, टीएमसी की युवा शाखा के नेताओं कुंतल घोष और शांतनु बनर्जी, अयान सिल को भी इस मामले में गिरफ्तार किया था।
अब तक 126 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क
ईडी द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद पार्थ चटर्जी को भी टीएमसी ने निलंबित कर दिया था। इस मामले में अब तक 126 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है।