विपक्षी सांसदों का हंगामा तो संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से जारी है, लेकिन सत्र के समापन के पास आते-आते स्थिति गंभीर हो गई है। राज्यसभा में गुरुवार को विपक्षी सांसदों ने हंगामा किया और सुरक्षा घेरे को तोड़ने के लिए मार्शलों के साथ हाथापाई भी की। इसमें पुरुषों के साथ-साथ महिला सांसद भी कम नहीं रहीं। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात दो सुरक्षा सहायकों ने राज्यसभा सचिवालय में संसद की सुरक्षा सेवा के निदेशक को पत्र लिख कर कुछ विपक्षी सांसदों पर अभद्रता करने के आरोप लगाए हैं।
सुरक्षा सहायक जीआर-1 राकेश नेगी ने राज्यसभा सचिवालय में संसद की सुरक्षा सेवा के निदेशक को लिखे पत्र में कहा है कि 11 अगस्त 2021 को मुझे राज्यसभा चैंबर के अंदर मार्शल ड्यूटी करने के बारे में जानकारी दी गई थी। सांसद एलामारन करीम और अनिल देसाई ने मार्शलों का सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की थी। उन्होंने आगे लिखा है कि इस दौरान करीम ने मुझे सुरक्षा घेरे से बाहर निकालने के लिए मेरा गला पकड़ लिया, जिसके चलते कुछ देर के लिए मेरा दम घुटा और सांस लेने में तकलीफ हुई।
जीआर-2 में सुरक्षा सहायक अक्षिता भट्ट ने अपने पत्र में लिखा है कि प्रदर्शन कर रहे कुछ पुरुष सांसद मेरी ओर झपटे और सुरक्षा घेरे को तोड़ने की कोशिश की। जब मैंने इसका विरोध किया तो सांसद छाया वर्मा और फूलो देवी नेतम आगे आईं और सुरक्षा घेरा तोड़ने के लिए पुरुष सांसदों के आगे आने के लिए जगह बनाई। भट्ट ने सुरक्षा सेवा के निदेशक को लिखे अपने पत्र में आगे लिखा है कि दोनों महिला सांसदों ने पुरुष सांसदों की मदद करने के लिए मुझे शारीरिक रूप से और जबरन मेरी बांह पकड़कर घसीटा।
बता दें कि एलामारन करीम कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) से सांसद हैं। वहीं, अनिल देसाई शिवसेना और छाया वर्मा व फूलन देवी नेतम कांग्रेस पार्टी से सांसद हैं। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को लेकर राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू और लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक बैठक भी की। इस बैठक में दोनों ने सदन में ऐसे व्यवहार पर आपत्ति जताई और कहा कि इस तरह की घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। दोनों ने कहा कि ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।