सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा के 3500 करोड़ रुपये के बाइक बोट घोटाले व मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार एक आरोपी को जमानत दे दी। कोर्ट ने माना कि इस आरोपी की कंपनी में कोई सक्रिय भूमिका नहीं थी।
जस्टिस एल. नागेश्वराव और जस्टिस एएस ओका की पीठ ने आरोपी संजय गोयल को जमानत दे दी। वह चिटफंड घोटाले से जुड़ी गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लि. का अतिरिक्त निदेशक था। याचिकाकर्ता कंपनी में मात्र 23 दिन के लिए अतिरिक्त निदेशक रहा था। यह प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जारी अस्थाई जब्ती आदेश साबित होता है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि वह कंपनी का आरंभिक निदेशक था और रेकॉर्ड पर मौजूद सामग्री से यह स्पष्ट है कि उसने कंपनी के मामलों में सक्रिय भूमिका नहीं निभाई थी।
पीठ ने कहा कि जांच पूरी हो चुकी है और अंतिम रिपोर्ट निचली कोर्ट में पेश की जा चुकी है। उक्त तथ्यों को देखते हुए हमारा मानना है कि याचिकाकर्ता को जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए। इसके साथ ही शीर्ष कोर्ट ने आरोपी गोयल को निर्देश दिया कि वह मामले में कंपनी के खिलाफ दायर अन्य एफआईआर की जांच में सहयोग करे।