फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Covid19 deaths: जान गंवाने वालों के परिजनों को 50 हजार मुआवजा देने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने सराहा, कहा- भारत जैसा किसी ने नहीं किया

Thu, 23 Sep 2021 08:08 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आज सुनवाई के दौरान बेंच ने कहा कि हमने इस बात का नोटिस लिया है कि भारत ने इस दिशा में क्या कदम उठाए हैं, ऐसा किसी अन्य देश में नहीं हुआ है।  
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के उस प्रस्ताव की तारीफ की जिसमें कोरोना वायरस से मारे गए लोगों के परिजनों को 50 हजार रुपये मुआवजा देने की बात कही गई है। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट चार अक्तूबर को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा। 

विज्ञापन


आज सुनवाई के दौरान बेंच ने कहा कि हमने इस बात का नोटिस लिया है कि भारत ने इस दिशा में क्या कदम उठाए हैं, ऐसा किसी अन्य देश में नहीं हुआ है।  सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हमें खुशी है कि कई परिवारों के आंसू पोंछने के लिए कोई कदम उठाया गया है। 

अदालत में मौजूद सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कहा कि जिनकी जान गई है, हम उसे तो परिवारों को वापस नहीं कर सकते, लेकिन देश जो कर सकता है, वह किया जा रहा है।    
विज्ञापन


सुनवाई के दौरान बेंच ने कहा कि हमें खुशी है कि मारे गए लोगों के परिजनों के आंसू पोंछने के लिए कुछ तो किया गया है। हमें ध्यान में रखना होगा कि इतनी अधिक जनसंख्या होने के बावजूद इस तरह का कदम उठाया गया है। भारत ने जैसा किया है, वैसा अब तक किसी देश ने नहीं किया है। 

जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस एएस बोपन्ना ने केंद्र सरकार के दो शपथपत्र को रिकॉर्ड पर लेते हुए कहा कि वह चार अक्तूबर को इस संबंध में आदेश जारी करेगा, जिसमें मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर होने वाले विवादों समेत कुछ अन्य अहम दिशा-निर्देश शामिल होंगे। 

50 हजार रुपये मुआवजा 
केंद्र सरकार ने बुधवार को शीर्ष अदालत को बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कोरोना से जान गंवाने वालों के परिजनों को 50 हजार के मुआवजे की शिफारिश की है। केंद्र सरकार ने शीर्ष अदालत को यह भी बताया कि राहत कार्यों में शामिल लोगों के परिजनों को भी यह अनुग्रह राशि दी जाएगी।  

हालांकि, सरकार ने यह भी कहा कि यह राशि राज्य सरकार की ओर से दी जाएगी। केंद्र सरकार ने अदालत को यह भी बताया कि मुआवजे का भुगतान न केवल पहले हुई मौतों के लिए बल्कि भविष्य के लिए भी किया जाएगा।

पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार ने कोरोना के शिकार लोगों के परिजनों को मुआवजा देने से इनकार कर दिया था, जिसे कोर्ट ने भी स्वीकार कर लिया था। मगर कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि आपदा प्रबंधन कानून के तहत मुआवजा तय करने के बारे में क्या किया गया है, कोर्ट को बताएं। इस पर एसजी तुषार मेहता ने कोर्ट से कहा था कि अगली तारीख 23 सितंबर को कोर्ट के समक्ष यह ब्योरा रख दिया जाएगा।

आत्महत्या करने वालों के परिजनों को भी मिलेगा मुआवजा

वहीं, इसके साथ ही सरकार ने अदालत को बताया कि ऐसे लोगों के परिजनों को भी मुआवजा दिया जाएगा जिन्होंने कोरोना संक्रमित पाए जाने के 30 दिन के भीतर आत्महत्या कर ली।

सरकार ने साफ किया कि कोरोना टेस्ट की तारीख से लेकर कोरोना संक्रमित पाए जाने के 30 दिन की अवधि में हुई मौत को कोविड-19 से हुई मृत्यु माना जाएगा। भले ही संक्रमित व्यक्ति की मौत अस्पताल में हुई हो या कहीं और। 

 
विज्ञापन

कांग्रेस ने केंद्र की योजना को मजाक करार दिया

मामले में कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किेए हैं। कांग्रेस ने कहा कि केंद्र की ओर से घोषित 50,000 रुपये की राशि एक मजाक है। कोरोना से मरने वाले परिजनों को पांच लाख रुपये दिए जाने चाहिए। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने गुरुवार को कहा कि पार्टी उन लोगों के परिजनों को 5 लाख रुपये की मांग करती है, जिन्होंने कोरोना से अपनी जान गंवाई है। कोरोना की वजह से कई बच्चों ने अपने माता-पिता को खो दिया है और कई लोग बेरोजगार हो गए हैं। लोगों के सामने रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें