भारत की एकता के वास्तुकार कहे जाने वाले सरदार वल्लभ भाई पटेल की आज जयंती है। सरदार पटेल की जयंती को देश में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल को श्रद्धांजलि दी। इस पोस्ट में प्रधानमंत्री ने लिखा कि 'सरदार पटेल की जयंती पर, हम उनकी अदम्य भावना, दूरदर्शिता और असाधारण समर्पण को याद करते हैं। जिनके साथ उन्होंने देश की नियति को आकार दिया। राष्ट्रीय एकता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हमारा मार्गदर्शन करती है और हम सदा उनके ऋणी रहेंगे।'
राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति ने दी श्रद्धांजलि
सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना और केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने पटेल चौक पर देश के पहले गृह मंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। देश में सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में देशभर में जगह-जगह 'रन फॉर यूनिटी' कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। ओडिशा के कटक में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में 'रन फॉर यूनिटी' कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने देश की एकता के लिए साथ दौड़ लगाई।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रन फॉर यूनिटी दौड़ को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान मंच पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी उपस्थित रहे।
550 से ज्यादा रियासतों का भारत में कराया विलय
जैसा कि सभी जानते हैं कि देश की आजादी के बाद सरदार पटेल के नेतृत्व में ही 550 से ज्यादा विभिन्न रियासतों का भारत में विलय कराकर देश को एक सूत्र में बांधा गया। यही वजह है कि उन्हें देश की एकता का वास्तुकार कहा जाता है। साल 2014 में केंद्र सरकार ने सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने का एलान किया। राष्ट्रीय एकता दिवस हमें याद दिलाता है कि देश को एकजुट करने में सरदार पटेल और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों ने कितना संघर्ष किया।