क्या है पूरा मामला
इस साल दो जुलाई की मध्य रात्रि करीब डेढ़ से ढाई बजे के बीच कुछ खालिस्तानी तत्वों ने अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित वाणिज्य दूतावास में आग लगा दी थी। आग तेजी से वाणिज्य दूतावास में फैलने लगी। हालांकि, तुरंत अग्निशमन विभाग को इसकी सूचना दी गई थी, जिसके बाद अग्निशमन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया था। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ था। खालिस्तानी कट्टरपंथियों ने घटना का वीडियो भी बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया था।
पहले भी हो चुके हैं हमले
इससे कुछ महीने पहले भी सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास में खालिस्तान समर्थकों ने हमला किया था। इस दौरान खालिस्तान समर्थक नारे लगाए गए और प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बैरियर्स को तोड़ दिया था और वाणिज्य दूतावास परिसर में खालिस्तानी झंडे लगा दिए थे। इससे पहले लंदन स्थित भारतीय दूतावास में भी खालिस्तान समर्थकों ने हमला किया था।
अमेरिका ने भी की थी निंदा
सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास में आगजनी की घटना पर अमेरिका की सरकार ने भी चिंता जताते हुए घटना की निंदा की थी। अमेरिका के विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यु मिलर ने बयान जारी कर कहा था कि 'अमेरिका सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास में आगजनी की घटना की कड़ी निंदा करता है। अमेरिका स्थित विदेशी राजनयिकों या दूतावासों में तोड़फोड़ या हिंसा करना अपराध है।'