कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों की वापसी, बेरोजगारी, महंगाई और रुपये की गिरावट को लेकर केंद्र सरकार के पास कोई योजना नहीं है। मोदी सरकार का मतलब सिर्फ पीआर है। राहुल ने ट्वीट किया, रुपया अपने सबसे न्यूनतम स्तर पर है, रिकॉर्ड बेरोजगारी और महंगाई है, यूक्रेन में छात्र फंसे हुए हैं, चीन हमारे क्षेत्र पर कब्जा कर रहा है। इन सब मुद्दों को लेकर भारत सरकार के पास कोई योजना नहीं है।
वहीं, एक अन्य कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद ने कहा, रुपया जीवन भर के निचले स्तर पर आ गया, अमेरिकी डालर की तुलना में 76.96 रुपये तक गिर गया। जब यूपीए सत्ता में थी, तब पीएम मोदी चिंतित थे कि रुपया आईसीयू में है। अब उनकी चिंता कहां है जब रुपया वेंटिलेटर पर है और ऑक्सीजन के लिए हांफ रहा है।
प्रचार के बजाय छात्रों को वापस लाने पर ध्यान दे सरकार: कांग्रेस
कांग्रेस ने सोमवार को यूक्रेन में फंसे भारतीय विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। कांग्रेस ने कहा, केंद्र सरकार प्रचार के बजाय छात्रों को यूक्रेन से वापस लाने पर ध्यान दे। एक बयान में कांग्रेस ने कहा, यूक्रेन में शत्रुतापूर्ण हालात तुरंत समाप्त हों और नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए मानवीय गलियारे बनाए जाने चाहिए।
कांग्रेस का कहना है, इससे पहले भी खाड़ी युद्ध, लेबनान और लीबिया से बड़े पैमाने पर भारतीयों को निकाला गया था। बयान में कहा गया, यूक्रेन में सैन्य टकराव, जन हानि, बड़े पैमाने पर हो रहे विनाश और नागरिकों के पलायन के हालात अस्वीकार्य हैं। वहां फंसे हजारों भारतीयों को लेकर कांग्रेस बेहद चिंतित है।
कांग्रेस का कहना है कि रूस, यूक्रेन और नाटो को मिलकर सभी मसलों पर बात करनी चाहिए और टकराव खत्म करना चाहिए। सरकार की आलोचना करते हुए कांग्रेस ने कहा, देरी की वजह से ही वहां छात्र युद्ध में फंसे हैं। यह सरकार का दायित्व है, वह भारतीय नागरिकों को यूक्रेन से निकालने के लिए तमाम प्रयास करे।