केरल में हुए आरएसएस के तीन दिवसीय समन्वय सम्मेलन के दौरान संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि हिंदुओं और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा बहुत संवेदनशील मुद्दा है।
बांग्लादेश में हिंदुओं और अल्पसंख्यकों के साथ हुए अत्याचार को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने चिंता जताई है। केरल में हुए आरएसएस के तीन दिवसीय समन्वय सम्मेलन के दौरान संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि हिंदुओं और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार को बांग्लादेश सरकार से बात करनी चाहिए। यह बहुत संवेदनशील मुद्दा है।
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उन्होंने कहा कि समन्वय बैठक के दौरान विभिन्न संगठनों ने बांग्लादेश की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट पेश की है। आंबेकर ने कहा कि हर कोई बांग्लादेश में हिंदुओं और अल्पसंख्यकों के बारे में चिंतित है। हमने केंद्र सरकार से बांग्लादेश सरकार के साथ मिलकर हिंदुओं और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए पहल करने का आग्रह किया है।
जातिगत जनगणना को लेकर सुनील आंबेकर ने कहा कि हमारे देश और समाज में जाति और जातिगत संबंध संवेदनशील मुद्दा है। यह राष्ट्र की अखंडता और एकता के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए इसे गंभीरता से निपटाया जाना चाहिए और इस पर चुनाव और राजनीति नहीं होनी चाहिए। पिछड़े हुए और विशेष ध्यान देने की जरूरत वाले समुदाय और जाति के लिए कल्याणकारी योजनाएं लागू करने की जरूरत होती है तो सरकार को संख्या की आवश्यकता होती है। सरकार जातिगत जनगणना से आंकड़े ले सकती है।
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आंबेकर ने कहा कि पहले भी सरकार ने ऐसा किया है। इसमें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन संख्याओं का उपयोग केवल जातियों और समुदायों के कल्याण के लिए ही किया जाना चाहिए। इसे चुनाव के लिए राजनीतिक उपकरण न बनाया जाए। इसके लिए हमने चेतावनी रेखा भी जारी की है।
तमिलनाडु में धर्मांतरण को लेकर अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि समन्वय सम्मेलन में यह मुद्दा भी सामने आया है। कई संगठनों और रिपोर्ट में मिशनरियों पर धर्मांतरण कराने का आरोप लगाया गया है। इसे गंभीरता से लिया जाएगा। इसके लिए जमीनी स्तर से जानकारी जुटाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है। इसे रोकने के लिए पहल करेंगे।