नीति आयोग के कामकाज को लेकर अब सरकार के अपनों का ही सब्र जवाब देने लगा है। गठन के दो वर्ष के बाद भी आयोग अब तक अपनी अमिट छाप छोड़ने में नाकाम रहा है। इतना ही नहीं उसके कारपोरेट एजेंडे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की चिंता बढ़ा दी है।
आर्थिक क्षेत्र में कामकाज करने वाले संघ से जुड़ा संगठन स्वदेशी जागरण मंच नीति आयोग के कामकाज की समीक्षा के लिए 10 जनवरी को एक विशेष सम्मेलन का आयोजन करने जा रहा है। इसमें अटल सरकार में मंत्री रहे यशवंत सिन्हा, मुरली मनोहर जोशी और शांता कुमार सरीखे भाजपा नेता कामकाज के मामले में नीति आयोग को कसौटी पर परखेंगे।
स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक अश्विनी महाजन ने अमर उजाला को बताया कि नीति आयोग के गठन को दो वर्ष हो चुके हैं। इसलिए इसके कामकाज की समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे आयोग के सभी रिपोर्टों का अध्ययन करेंगे।
दरअसल संघ की चिंता यह है कि संघवाद को बढ़ावा देने के मकसद से पीएम मोदी ने लाल किला से अपने पहले संबोधन में योजना आयोग को खत्म कर नीति आयोग का गठन किया था। मगर आयोग के कामकाज उसे अब तक संतोषजनक नजर नहीं आ रहे हैं।