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Rohith Vemula: रोहित की मां को CM रेवंत रेड्डी का आश्वासन, 100 महीने बीते, फिर भी दोबारा जांच कराएगी सरकार

Sat, 04 May 2024 08:17 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद

सार

Rohit Vemula: रोहित वेमुला की मां राधिका वेमुला ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से मुलाकात कर न्याय की मांग की है। सीएम ने उन्हें आश्वासन है दिया कि रोहित की आत्महत्या की फिर से जांच की जाएगी।

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मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से मिला रोहित वेमुला का परिवार - फोटो : PTI
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विस्तार
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हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र रहे रोहित वेमुला की आत्महत्या मामले को 100 महीने बीत चुके हैं। अब तेलंगाना सरकार का कहना है कि इस मामले में फिर से जांच बिठाई जाएगी। दरअसल रोहित की मां राधिका वेमुला ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से मुलाकात कर न्याय की मांग की। सीएम ने राधिका वेमुला को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। 

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फिर से होगी मामले की जांच- रेवंत रेड्डी 
सीएम रेड्डी ने राधिका वेमुला से कहा कि 2016 में हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र रोहित की आत्महत्या की फिर से जांच की जाएगी। मुख्यमंत्री कहा कि इस मामले में पूरी पारदर्शिता के साथ जांच होगी। राधिका वेमुला ने कहा कि रोहित को न्याय मिलने तक लड़ाई जारी रहेगी। पुलिस का यह दावा करना सही नहीं है कि रोहित ने ठीक से पढ़ाई नहीं कर पाने के कारण आत्महत्या की। वह पढ़ाई में अच्छा था।


परिवार ने किया क्लोजर रिपोर्ट का विरोध
इससे पहले रोहित के भाई राजा वेमुला ने दावा किया था कि जिला कलेक्टर ने परिवार के अनुसूचित जाति के होने के बारे में फैसला नहीं लिया। राजा का कहना है कि उनके परिवार ने पुलिस द्वारा पेश की गई क्लोजर रिपोर्ट का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि जाति की स्थिति पर स्पष्टीकरण देने के लिए सक्षम प्राधिकारी जिला कलेक्टर हैं, जो कि पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिल में हैं। राजा वेमुला ने मांग उठाई कि जिन अन्य छात्रों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं, उन्हें रद्द किया जाए।
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हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्र का बयान
वेमुला जिस संस्था से पढ़ रहे थे, उसी हैदराबाद यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान में पीएचडी के छात्र गंगेश्वर ने कहा, 'जो क्लोजर रिपोर्ट हमें मिली, वह हमारे लिए बहुत बड़ा झटका है।' उन्होंने कहा, कैंपस के दलित विद्वानों ने तत्कालीन कुलपति, तत्कालीन श्रम मंत्री, तत्कालीन शिक्षा मंत्री और तत्कालीन एबीवीपी अध्यक्ष की भूमिका की जांच के लिए मामला दायर किया था। रोहित वेमुला की संस्थागत हत्या में उनकी संलिप्तता के पहलू पर पुलिस ने कोई जांच नहीं की और रोहित वेमुला को ही अपराधी घोषित कर दिया।


क्लोजर रिपोर्ट में दावा- रोहित वेमुला दलित नहीं, आरोपियों को क्लीन चिट
रोहित की मौत पर पुलिस ने स्थानीय अदालत के समक्ष अपनी क्लोजर रिपोर्ट पेश की थी। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि रोहित वेमुला दलित नहीं थे और उन्होंने असली पहचान जाहिर होने के डर से आत्महत्या की थी। पुलिस ने सबूतों की कमी का हवाला देते हुए इस मामले के आरोपियों को ‘क्लीन चिट’ दी है। 

पुलिस महानिदेशक का बयान, जांच की अपील करने का आश्वासन
तेलंगाना पुलिस के महानिदेशक रवि गुप्ता ने रोहित के परिवार की ओर से जताए गए शक का हवाला देते हुए अपने बयान में कहा था कि अदालत में एक याचिका दायर की जाएगी, जिसमें जिलाधिकारी से आगे की जांच की अनुमति देने का अनुरोध किया जाएगा।
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