डॉ. अरुण धवन और डॉ. सविता धवन दंपति कांग्रेसी हैं। लुधियाना, जालंधर से लेकर चंडीगढ़ तक सक्रिय रहते हैं। साफ कहते हैं कि कांग्रेस पार्टी के भीतर बना बनाया खेल बिगड़ रहा है। दो बड़े धड़े टकरा रहे हैं और पूरा पंजाब तमाशा देख रहा है। डॉ. धवन कहते हैं कि किसान आंदोलन के बाद पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जबरदस्त तरीके से जड़ें जमा ली थीं। लेकिन पार्टी के अंदरूनी मुद्दे सतह पर आने के बाद नुकसान तो पार्टी का ही हो रहा है। कैप्टन गुट, प्रदेश अध्यक्ष सिद्धू और अन्य कांग्रेसियों का आपसी टकराव ठीक नहीं है।
क्या है इसमें छिपा राज?
कांग्रेस पार्टी के एक पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो भी पंजाब में हो रहा है, उससे कांग्रेस और उसका शीर्ष नेतृत्व अनजान नहीं है। उन्होंने कहा कि वह कहीं बैठे हैं और इससे अधिक कुछ नहीं बोलेंगे। मध्यप्रदेश के एक बड़े नेता ने कहा कि इस तरह की घटनाएं पार्टी का कार्यकर्ता होने के नाते दुख पहुंचाती हैं, लेकिन यह सब हो रहा है। अब इसे हरीश रावत और कांग्रेस अध्यक्ष ही जानें।
कांग्रेस पार्टी के एक प्रवक्ता ने इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने केवल इतना कहा कि इसे समय की मांग पर चल रहा दौर मान लीजिए। इसके साथ उन्होंने माना कि कांग्रेस अध्यक्ष की जानकारी में काफी कुछ है। पार्टी मुख्यालय 24 अकबर रोड के एक नेता ने बताया कि पंजाब कांग्रेस में चल रहे घटनाक्रम को लेकर हमारे शीर्ष नेता अपने नेताओं के संपर्क में हैं।
उन्होंने उम्मीद जाहिर की सोनिया गांधी की पंजाब के प्रभारी हरीश रावत से बात हुई होगी। हरीश रावत अगले एक दो दिन में दिल्ली भी आ सकते हैं। वहीं, पंजाब में एक कैप्टन का भी खेमा है। वह हालात पर नजर रख रहा है।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह 2017 के विधानसभा चुनाव में शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल को हराकर सत्ता में आए थे। अब नवजोत सिंह सिद्धू के साथ के कांग्रेसी और कैप्टन के विरोधी कांग्रेसी उन पर बादलों (प्रकाश सिंह और सुखवीर सिंह बादल) से सांठ-गांठ का आरोप लगा रहे हैं। कैप्टन गुट के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि उड़ लीजिए नई पतंग पहले उड़ती है, लेकिन जल्द ही हवा में तैरकर जमीन पर आ जाती है। एक दो हफ्ते में सब ठीक हो जाएगा। होशियारपुर के नेता का कहना है कि लोग कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनकी सियासत को नहीं जानते। जल्द दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।