सेल रिपोर्ट्स में प्रकाशित नतीजों में उल्लेख किया गया है कि किस तरह कैंसरकारी जीन प्रोस्टेट कैंसर में आनुवांशिक रूपांतरों के निर्माण को प्रभावित करता है और इससे रोग के वापस बिगड़ने व मरीज की हालत में सुधार के लिए नई दवाओं का अनुमान लगाया जा सकेगा।
वैज्ञानिकों ने ताजा शोध में पता लगाया है कि प्रोस्टेट कैंसर में एक कैंसरकारी जीन महत्वपूर्ण आनुवंशिक रूपांतर को नियंत्रित करता है, जिससे मरीज की जान बचाने में मदद मिल सकती है। यह शोध क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन में बाट्र्स कैंसर इंस्टीट्यूट (बीसीआई), इतालवी इंस्टीट्यूट फॉर जीनोमिक मेडिसिन और मिलान यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने किया है।
विज्ञापन
सेल रिपोर्ट्स में प्रकाशित नतीजों में उल्लेख किया गया है कि किस तरह कैंसरकारी जीन प्रोस्टेट कैंसर में आनुवांशिक रूपांतरों के निर्माण को प्रभावित करता है और इससे रोग के वापस बिगड़ने व मरीज की हालत में सुधार के लिए नई दवाओं का अनुमान लगाया जा सकेगा।
एफओएक्सए1 की जिम्मेदारी
वैज्ञानिकों के मुताबिक, कैंसरकारी जीन एफओएक्सए1 प्रोस्टेट कैंसर में आनुवांशिक रूपांतरण (ऑल्टरनेटिव स्प्लिसिंग) का प्रमुख नियंत्रणकर्ता है और यह नए स्वरूपों पर लगाम लगाकर मरीजों के बचने के अवसर बढ़ा सकता हैं।
विज्ञापन
शोध के सह लेखक डॉ. प्रभाकर राजन ने कहा कि पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर आम है और यह रोग मौतों का बड़ा कारण है। प्रोस्टेट कैंसर में आनुवंशिक संरचना बहुत परिवर्तनशील होती है, जिससे मरीज का निदान और उपचार बहुत मुश्किल हो जाता है। इस आनुवांशिक भिन्नता के बारे में जानकारी बढ़ने के चलते इलाज में सुधार हो पाएगा।