गणतंत्र दिवस परेड की तैयारी भारतीय सेना अगस्त से ही शुरू कर देती है। इस दौरान एक-एक जवान करीब 600 घंटे का अभ्यास करता है। इसकी तैयारी रेजीमेंट में ही शुरू हो जाती है। फिर दिसंबर में जवान दिल्ली में आकर तैयारियां शुरू कर देते हैं।
रायसीना हिल्स से परेड की शुरुआत :
राजपथ पहुंचने के बाद से ही परेड का रूट लगभग एक सा रहा है। 26 जनवरी की परेड की शुरुआत रायसीना हिल्स से होती है। इसके बाद राजपथ, इंडिया गेट से गुजरती हुई परेड लाल किले तक जाती है। यह सफर करीब 8 किलोमीटर तक का होता है। राष्ट्रपति को सलामी के साथ परेड की शुरुआत होती है। परेड शुरू होने से पहले राष्ट्रपति 14 घोड़ों की बग्घी में बैठकर इंडिया गेट पर आते हैं, जहां प्रधानमंत्री उनका स्वागत करते हैं।
इस बार बदलेगी परंपरा
1973 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इंडिया गेट पर स्थित अमर जवान ज्योति पर सैनिकों को श्रद्धांजलि देने की परंपरा शुरू की थी। जो पिछले साल तक चली आ रही थी। अमर जवान ज्योति 1971 में पाकिस्तान से युद्ध में शहीद जवानों के लिए तैयार की गई थी। मगर इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले साल तैयार नेशनल वॉर मेमोरियल जाकर जवानों को श्रद्धांजलि देंगे। यहां अब तक हुए युद्ध में शहीद जवानों के नाम अंकित हैं।