डॉक्टरों को निर्देश, चीन से आने वाले लोगों को वार्ड में भेजा जाए
मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर नियुक्त डॉक्टरों से कहा गया है कि चीन से आने वाले किसी भी यात्री में अगर कोरोनावायरस के लक्षण नजर आते हैं तो उन्हें निगरानी के लिए बनाए गए वार्ड में भेज दिया जाए। सभी चिकित्सकों को भी इस तरह के लक्षण वाले लोगों को वार्ड में भेजने की हिदायत दी गई है।
दरअसल चीन में कोरोनावायरस से बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हैं और इसके चलते कई लोगों की मौत हो चुकी है। यह देखते हुए बीएमसी ने चिंचपोकली के कस्तूरबा अस्पताल में एक अलग वार्ड बना दिया है। कस्तूरबा अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार की ओर से इस बारे में दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
कोरोनावायरस विषाणुओं का एक बड़ा समूह जो सामान्य जुकाम से लेकर श्वास तंत्र की गंभीर समस्या तक पैदा कर सकता है। चीन में जिस वायरस से संक्रमित होकर लोगों की जान जा रही है, वह इससे अलग किस्म का है और इसे पहले कभी नहीं देखा गया। कोरोनावायरस से संक्रमित होने पर व्यक्ति में बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, हांफना आदि लक्षण नजर आते हैं।
फ्रांस में दो लोग चपेट में, यूरोप में सामने आया पहला मामला
फ्रांस ने चीन में कहर बरपा रहे नये जानलेवा वायरस से दो लोगों के चपेट में आने की शुक्रवार को घोषणा की। यह यूरोप में वायरस का पहला मामला है। स्वास्थ्य मंत्री एग्निस बुजिन ने दो मामलों की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि दोनों बीमार लोगों ने चीन की यात्रा की थी। मंत्री ने कहा कि उन्हें और मामले सामने आने की आशंका है। उन्होंने कहा कि हमारे पास दो मामले हैं। और मामले आने की आशंका है।
उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि इस वायरस की पुष्टि करने वाला फ्रांस इसलिए पहला यूरोपीय देश है कि उसने बीमार लोगों का फौरन पता लगाने वाली जांच विकसित की है। फ्रांस में इस वायरस की चपेट में आया 48 वर्षीय एक व्यक्ति बुधवार को यहां आने से पहले वुहान से होकर गुजरा था। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्य व्यक्ति पेरिस में अस्पताल में भर्ती है। मंत्री ने बताया कि वह व्यक्ति भी चीन गया था।