शाहजहां को बशीरहाट कोर्ट में 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, पुलिस की कार्रवाई कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के बाद हुई। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने भी पुलिस को शाहजहां को गिरफ्तार करने के लिए 72 घंटे की समय सीमा दी थी।
तृणमूल कांग्रेस के निलंबित नेता शेख शाहजहां ने संदेशखाली मामले में गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने अपना कबूलनामा दिया है। कई रिपोर्ट्स ने गुरुवार को दावा किया कि आरोपी ने कबूल किया है कि उसके ही उकसाने पर पिछले महीने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पर भीड़ ने हमला किया था। हालांकि, पुलिस द्वारा इसकी अभी कोई पुष्टि नहीं की गई है।
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बता दें कि संदेशखाली में यौन शोषण और जमीन हड़पने के आरोपी शाहजहां को 55 दिनों तक फरार रहने के बाद गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक दावा किया गया है कि पूछताछ के दौरान 53 वर्षीय व्यक्ति ने पांच जनवरी को राशन घोटाला मामले में उसके परिसरों पर छापेमारी कर रही जांच एजेंसी के अधिकारियों पर हमले में अपनी भूमिका को स्वीकार किया।
10 दिन की मिली पुलिस हिरासत
शाहजहां को बशीरहाट कोर्ट में 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, पुलिस की कार्रवाई कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के बाद हुई। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने भी पुलिस को शाहजहां को गिरफ्तार करने के लिए 72 घंटे की समय सीमा दी थी।
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अब तक क्या-क्या हुआ
गौरतलब है कि कई महिलाओं द्वारा शाहजहां और उसके सहयोगियों के खिलाफ यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने का आरोप लगाए गए थे। इसके बाद पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में एक महीने से अधिक समय से विरोध प्रदर्शन चल रहा है।
पुलिस ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में ही शेख के खिलाफ 100 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं। इन शिकायतों के आधार पर शेख और उसके सहयोगियों के खिलाफ 376डी (सामूहिक बलात्कार) सहित कई मामले दर्ज किए गए हैं। उनके करीबी सहयोगी शिबाप्रसाद हाजरा और उत्तम सरदार को पहले इसी तरह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस बीच, पश्चिम बंगाल सीआईडी ने शाहजहां के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच अपने हाथ में ले ली।