आज दिल्ली नगर निगम (Delhi MCD) के 250 वार्डों में हुए चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। जादुई आंकड़ों को पार करते हुए 134 वार्डों में आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी चुनाव जीते। भाजपा के 104, कांग्रेस के नौ और तीन निर्दलीय प्रत्याशी की जीत हुई है। इस प्रकार से दिल्ली नगर निगम में भाजपा का 15 साल का राज खत्म हो गया और यहां भी आप ने कब्जा कर लिया।
कुल 1349 प्रत्याशियों ने इस बार चुनाव लड़ा। इनमें भाजपा और आम आदमी पार्टी ने सभी 250 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, जबकि कांग्रेस के 247 प्रत्याशी मैदान में थे।
382 निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों को टक्कर दी। इसके अलावा बीएसपी, एनसीपी, जेडीयू, एआईएमआईएम समेत 16 दलों के प्रत्याशी भी मैदान में थे। इनमें से 139 प्रत्याशी ऐसे थे, जिनपर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। 556 प्रत्याशी करोड़पति हैं, जिनके पास एक करोड़ या इससे अधिक की संपत्ति है।
84 मौजूदा पार्षद भी चुनावी मैदान में थे। इनमें 53 भाजपा, 22 आम आदमी पार्टी, पांच कांग्रेस और चार निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं। कुल 84 दोबारा चुनाव लड़ने वाले पार्षदों में 47 इस बार अपना चुनाव हार गए। वहीं, इनमें से 37 पार्षद ऐसे भी हैं जिन्होंने इस चुनाव में भी जीत दर्ज की है। सोमवार को अलग-अलग एजेंसियों ने एग्जिट पोल जारी किया। इसमें अनुमान लगाया गया है कि इस बार दिल्ली एमसीडी से भाजपा की सत्ता छीन जाएगी और आम आदमी पार्टी काबिज हो जाएगी। पिछले 15 साल से एमसीडी पर भाजपा का राज है।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि फिर से चुनावी मैदान में उतरे इन 84 पार्षदों में कितनों को फिर से जीत मिलेगी? आइए जानते हैं उन पार्षदों के बारे में जिन्होंने फिर से चुनावी मैदान में ताल ठोकी थी।