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अशोका यूनिवर्सिटी: दो बड़े इस्तीफों पर पूर्व आरबीआई गवर्नर बोले, भारत में अभिव्यक्ति की आजादी को लगा गंभीर झटका

Sun, 21 Mar 2021 03:00 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली
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आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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हरियाणा के सोनीपत में स्थित देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में शुमार अशोका विश्वविद्यालय में पिछले दिनों प्रोफेसर प्रताप भानु मेहता और प्रोफेसर अरविंद सुब्रमण्यन के इस्तीफे पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने अपनी बात रखी है।

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उन्होंने कहा, भारत में अभिव्यक्ति की आजादी को बड़ा झटका लगा है। भारत में राजनीति विज्ञान के सबसे अच्छे प्रोफेसरों में से एक प्रोफेसर प्रताप मेहता ने अशोका यूनिवर्सिटी से इस्तीफा दे दिया। यह निश्चित रूप से भारत के लिए एक बुरा घटनाक्रम है।

अभिव्यक्ति की आजादी अशोका विश्वविद्यालय की आत्मा है, लेकिन क्या अपनी आत्मा को बेचने से दबाव समाप्त हो जाएगा। इसका समझौता कर विश्वविद्यालय के संस्थापकों ने आत्मा को चोट पहुंचाई है। उन्होंने कहा, यदि आप अपनी आत्मा को बेचने की मंशा रखते हैं, तो क्या इससे दबाव समाप्त हो जाएगा। राजन ने कहा, सचाई यह है कि प्रोफेसर मेहता इस संस्थान के लिए कांटा थे। मुझे नहीं पता कि अशोका यूनिवर्सिटी के फाउंडर्स की ऐसी क्या मजबूरी थी कि उन्हें हाथ खींचने पड़े।
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वहीं, इस इस्तीफे को लेकर तमाम शिक्षाविदों ने अशोका विश्वविद्यालय को खुला पत्र लिखा है। हार्वर्ड, येल, कोलंबिया, लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स और एमआईटी जैसे दुनिया भर के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के 150 से अधिक शिक्षाविदों ने इस पत्र में प्रताप भानु मेहता के इस्तीफे को राजनीतिक दबाव बताते हुए चिंता व्यक्त की है।

इसके साथ ही यूनिवर्सिटी के छात्र, पूर्व छात्र और फैकल्टी सदस्य विरोध प्रदर्शन कर प्रशासन से इस बारे में जवाब मांग रहे हैं। बता दें कि अशोका यूनिवर्सिटी के जाने-माने अर्थशास्त्री अरविंद सुब्रमण्यम ने भी इस संस्थान से प्रताप भानु मेहता के निकलने के दो दिन बाद ही प्रोफेसर के पद से इस्तीफा दे दिया था।

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