उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि आप देखते जाइए। आने वाले समय में अयोध्या की चमक देखने लायक होगी। यहां तक कि जिस तरह से श्रद्धालु आ रहे हैं और शिलाओं का दर्शन कर रहे हैं, उससे क्षेत्र में तमाम रोजगार के अवसर विकसित होने वाले हैं। इसका लाभ सभी धर्मों, जातियों और लोगों को मिलने वाला है।
अयोध्या में रामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र में 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह को संपन्न कराने के लिए निर्माण की तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं। यह कहने में कोई संकोच नहीं कि इतने कम समय में इतना तेजी से निर्माण और विकास विरले ही देखने को मिलता है। इसमें राम और रहीम भी मिलकर अपना श्रम दे रहे हैं। दोनों खुश हैं। उनके पास लगातार रोजगार है और मंदिर निर्माण में अपना हुनर दिखाने का अवसर मिला हुआ है। रहीम अयोध्या के ही रहने वाले हैं। कहते हैं कि तमाम मुस्लिम कारीगर इस क्षेत्र के निर्माण में काम कर रहे हैं। रहीम के साथ राम भी रोज काम करते हैं। दोनों में तालमेल भी गजब का है।
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पीली गोल गले की टी-शर्ट में रहीम और उनके साथ नीले रंग की गोल गले की टी शर्ट में राम का नाम सुनकर कोई भी चौंक जाएगा। यह एक इत्तेफाक है कि दोनों साथ काम कर रहे हैं और इनके नाम भी रहीम और राम हैं। राम और रहीम राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में लगने वाले भव्य दरवाजों पर नक्काशी और खूबसूरती को गढ़ने में लगे हैं।
उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि आप देखते जाइए। आने वाले समय में अयोध्या की चमक देखने लायक होगी। यहां तक कि जिस तरह से श्रद्धालु आ रहे हैं और शिलाओं का दर्शन कर रहे हैं, उससे क्षेत्र में तमाम रोजगार के अवसर विकसित होने वाले हैं। इसका लाभ सभी धर्मों, जातियों और लोगों को मिलने वाला है। राम कहते हैं कि कारीगर की न कोई जाति होती है और न धरम। बस उसका हुनर ही तारीफ पाता है।