संसद भवन और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ (फाइल)
- फोटो : social media
सरकार के खिलाफ नारेबाजी और नीतियों का विरोध करने के लिए संसद में तख्तियां लेकर पहुंचने वाले सांसदों की परेशानी बढ़ सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने बीते दिनों आहूत संसद के विशेष सत्र के दौरान राज्यसभा में तख्तियां दिखाने वाले पांच सांसदों से जवाब मांगा है। भाजपा सांसद विवेक ठाकुर ने तेलंगाना में सत्तारूढ़- भारत राष्ट्र समिति (BRS) के पांच सांसदों के आचरण को संसदीय नियमावली के खिलाफ बताते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।
संसदीय नियमों का उल्लंघन, पांच सांसदों पर गिरी गाज
इस मामले में राज्यसभा के सभापति की तरफ से विशेषाधिकार हनन का नोटिस जारी किया गया है। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, भारत राष्ट्र समिति के पांच सांसदों के खिलाफ राज्यभा की कार्यवाही के दौरान तख्तियां दिखाने के आरोप में नोटिस जारी किया गया है। राज्यसभा के सभापति की तरफ से जारी नोटिस के बारे में चेयरमैन ऑफिस ने बताया कि पांचों सांसदों के आचरण से राज्यसभा की कार्यवाही संचालन के लिए बनाए गए नियमों का उल्लंघन हुआ है।
सभापति धनखड़ ने बीआरएस के किन पांच सांसदों से जवाब मांगा?
जिन सांसदों को भाजपा सांसद विवेक ठाकुर की कंप्लेन पर नोटिस जारी कर 28 नवंबर तक जवाब दाखिल करने को कहा गया है, इनमें बीआरएस के वरिष्ठ सांसद के केशव राव का नाम भी शामिल है। राज्यसभा के सभापति के पास सभी सांसदों को 28 नवंबर से पहले अपना जवाब देना है। नियम का उल्लंघन करने के आरोपी सांसदों में केथी रेड्डी सुरेश रेड्डी, दामोदर राव दिवाकोंडा, वद्दीराजू रविचंद्र और बदुगुला लिंगैया यादव के नाम भी शामिल हैं।
'माननीयों' के असंसदीय आचरण पर सभापति की सख्ती
गौरतलब है कि एक तरफ विपक्ष सरकार पर आवाज दबाने के आरोप लगाता है तो दूसरी तरफ बीते दो-तीन साल की अवधि में संसदीय नियमों के उल्लंघन के दोषी पाए गए कई सांसदों पर निलंबन की गाज गिरी है। धनखड़ से पहले राज्यसभा के सभापति रहे वेंकैया नायडू के कार्यकाल में एक साथ 12 सांसदों को निलंबित कर दिया गया था। हाल ही में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को संसदीय नियमों के खिलाफ आचरण करने के आरोप में सदन से बाहर का रास्ता दिखाया गया।