भाजपा के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह ने देश में परमाणु हथियारों को नष्ट करने के माकपा के चुनावी घोषणापत्र के वादे के पीछे की मंशा पर सवाल उठाते हुए इस मुद्दे पर कांग्रेस से अपना रुख जाहिर करने की मांग की। सिंह ने आरोप लगाया कि भारत के परमाणु हथियारों को नष्ट करने की बात करना राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश को कमजोर करने के लिए गहरी साजिश रची जा रही है। राज्य के कासरगोड जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सिंह ने मांग की कि कांग्रेस को परमाणु हथियारों को नष्ट करने के माकपा के घोषणापत्र में किए गए वादे पर अपना रुख जाहिर करना चाहिए क्योंकि इंदिरा गांधी सरकार ने ही देश का परमाणु कार्यक्रम शुरू किया था।
भाजपा नेता ने एक चुनावी बैठक में कहा, "भारत में जिसने भी भगवान राम का विरोध किया है, उसे पतन का सामना करना पड़ा है, ऐसा ही देश में कांग्रेस और माकपा के साथ हुआ है। सिंह ने आरोप लगाया कि I.N.D.I.A गठबंधन में सहयोगी दोनों पार्टियां भगवान राम या रामनवमी के त्योहार का महत्व नहीं समझती हैं।" उन्होंने कहा, 'इन लोगों ने रामनवमी के उत्सव में बाधाएं पैदा की हैं। हम सभी जानते हैं कि जिसने भी भगवान राम का विरोध किया है, उसे देश में पतन का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस और माकपा के साथ यही हुआ है।' कांग्रेस और माकपा विपक्षी गुट ‘इंडियन नेशनल डेमोक्रेटिक इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) का हिस्सा हैं।
केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने यह भी दावा किया कि देश की सबसे विश्वसनीय राजनीतिक पार्टी भाजपा की कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। हालांकि, कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टियों के कथनी और करनी अलग-अलग रहे हैं। सिंह ने यह भी विश्वास जताया कि भाजपा लोकसभा चुनाव में केरल से दोहरे अंक में सीटें जीतेगी। केरल में 26 अप्रैल को लोकसभा चुनाव होंगे और नतीजे 4 जून को घोषित किए जाएंगे।