महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने गुरुवार को पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में 288 सीट में से 225-250 सीट पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार रहें। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने यह जानकारी दी।
एक बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मनसे नेता बाला नंदगांवकर ने कहा , पार्टी पदाधिकारी राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करेंगे और चुनावी तैयारियों के बारे में ठाकरे को एक रिपोर्ट देंगे। मनसे ने लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को समर्थन देने की घोषणा की थी। राज ठाकरे ने एनडीए के लिए प्रचार भी किया। हालांकि, उनकी पार्टी कहीं भी मैदान में नहीं थी।
नंदगांवकर ने कहा, राज ठाकरे ने पार्टी कार्यकर्ताओं से विधानसभा चुनाव में 225 से 250 सीट पर लड़ने के लिए तैयार रहने को कहा है। यह पूछे जाने पर कि क्या मनसे भाजपा-शिवसेना-राकांपा गठबंधन के साथ गठबंधन करेगी या अपने दम पर लड़ेगी, नंदगांवकर ने कहा, हम अभी इस पर कोई चर्चा नहीं कर रहे हैं। हम किसके साथ बातचीत करने जा रहे हैं? उन्होंने कहा, हमें अब तक अपने दम पर चुनाव लड़ा है। हम देखेंगे कि भविष्य में क्या होता है। लेकिन अगर हमें चुनाव की तैयारी करनी है तो पार्टी का विस्तार करना होगा।
मनसे ने 2009 में लड़ा था पहला विधानसभा चुनाव
मनसे का गठन 2006 में हुआ था और उसने अपना पहला विधानसभा चुनाव 2009 में लड़ा था। इस चुनाव में उसने 13 सीट पर जीत दर्ज की थी। हालांकि, 2014 और 2019 के राज्य चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन फीका रहा और दोनों बार उसे केवल एक-एक सीट पर जीत हासिल हुई।
मुस्लिम बहुल क्षेत्रो ंमें मिले नरेंद्र मोदी विरोधी वोट: संदीप पांडे
पार्टी के एक अन्य नेता संदीप पांडे ने कहा कि बैठक में राज ठाकरे ने कहा कि विपक्ष के महा विकास अघाड़ी को मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में नरेंद्र मोदी विरोधी वोट मिले। लेकिन मराठी क्षेत्रों में उसे ज्यादा समर्थन नहीं मिला। देशपांडे ने राज ठाकरे के हवाले से कहा, मराठी भाषी उद्धव ठाकरे से इसलिए नाराज थे, क्योंकि उन्होंने कांग्रेस और राकांपा (शरद पवार) से हाथ मिला लिया था।