अधिकांश गरीब रथ ट्रेनों में सिर्फ थर्ड एसी के कोच लगते हैं। लेकिन सहरसा-अमृतसर समेत कई गरीब रथ ट्रेनों में चेयरकार भी लगाए जाते हैं। लेकिन अब एक अगस्त से कई ट्रेनों में चेयरकार में यात्रा की सुविधा अब नहीं मिलेगी। सहरसा-अमृतसर में 31 जुलाई तक थर्ड एसी और चेयरकार दोनों के टिकट मिल रहे हैं। जबकि एक से पांच अगस्त से इस ट्रेन को रद्द कर दिया है।
ट्रेनों में एसी कोच का किराया महंगा होने के चलते वर्ष 2006 में रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव आम लोगों के लिए नई सौगात लेकर आए थे। लालू यादव ने आम लोगों को एसी ट्रेन का सफर करवाने के लिए गरीब रथ की शुरुआत की थी। इस ट्रेन का किराया अन्य एसी ट्रेन की अपेक्षा से बेहद कम होता है। लेकिन अब इस ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को बड़ा झटका लगने जा रहा है। रेलवे ने गरीब रथ के चेयर कार कोच को हटाने का निर्णय लिया है। इसमें एक अगस्त के बाद की यात्रा में बुकिंग नहीं होगी।
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अधिकांश गरीब रथ ट्रेनों में सिर्फ थर्ड एसी के कोच लगते हैं। लेकिन सहरसा-अमृतसर समेत कई गरीब रथ ट्रेनों में चेयरकार भी लगाए जाते हैं। लेकिन अब एक अगस्त से कई ट्रेनों में चेयरकार में यात्रा की सुविधा अब नहीं मिलेगी। सहरसा-अमृतसर में 31 जुलाई तक थर्ड एसी और चेयरकार दोनों के टिकट मिल रहे हैं। जबकि एक से पांच अगस्त से इस ट्रेन को रद्द कर दिया है। वहीं छह अगस्त से दोबारा शुरू हो रही गरीब रथ एक्सप्रेस में यात्रियों को चेयरकार के टिकट नहीं मिलेंगे।
दरअसल, लंबे समय से गरीब रथ में लगे कोचो को बदलने की मांग उठ रही है। इसी मांग को देखते हुए गरीब रथ एक्सप्रेस के कोच को बदलने का निर्णय लिया गया है। अब इस ट्रेन में पारंपरिक आइसीएफ (इंटिग्रेटेड कोच फैक्ट्री) की जगह अब एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) रेक लगाए जाएंगे। इसके सभी कोच थर्ड एसी इकॉनमी श्रेणी के होंगे।
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आम तौर पर गरीब रथ के थर्ड एसी कोच में 72 बर्थ होते हैं, लेकिन थर्ड एसी इकॉनमी में 72 की जगह 81 बर्थ उपलब्ध होगी। बदलाव के बाद एक कोच में नौ और पूरी ट्रेन में 162 बर्थ की बढ़ोतरी हो जाएगी। इस तरह कन्फर्म टिकट मिलने में हो रही दिक्कतों को दूर किया जा सकेगा। दूसरी तरफ, अब ज्यादा लोग थर्ड एसी की तुलना में 8 से 10 फीसदी तक कम किराये पर एसी ट्रेन से यात्रा कर सकेंगे।