कोरोना काल के पहले आए दिन भारतीय रेलवे के खाने और पेंट्रीकार को लेकर यात्रियों की शिकायतें सामने आती रहती थीं। लेकिन अब वही यात्री रेलवे से पेंट्रीकार शुरू करने और गर्म खाना देने की मांग कर रहे हैं।
रेलवे द्वारा राजधानी, शताब्दी और लंबी दूरी की स्पेशल ट्रेनों में यात्रियों को रेडी-टू-ईट फूड दिया जा रहा है। इनमें यात्रियों को राजमा चावल 80 रुपये, वेज बिरयानी 125 रुपये और कढ़ी चावल 150 रुपये में दिया जा रहा है। जबकि आईआरसीटीसी की तरफ से कोविड के पहले वेज बिरयानी और साधारण थाली 80 रुपये में दी जाती थी।
यात्रियों की आईआरसीटीसी से मांग है कि 'राजधानी, शताब्दी जैसी ट्रेनों का महंगा टिकट खरीदने के बाद भी हमें बाहर से खाना खरीद कर खाना पड़ रहा है। ये रेडी-टू-ईट फूड महंगा भी होता है। वहीं उसमें स्वाद भी नहीं होता है।'
ट्रेनों में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए आईआरसीटीसी ने पेंट्रीकार को बंद कर दिया था। यात्रियों को सफर के दौरान खाने को लेकर कोई असुविधा नहीं हो इसे देखते हुए आईआरसीटीसी ने रेडी टू ईट फूड देना शुरू कर दिया है।